पर्यावरण संरक्षण प्रत्येक नागरिकों की नैतिक जिम्मेदारी: जिला जज
-विश्व पर्यावरण दिवस पर व्यवहार न्यायालय परिसर में हुआ पौधरोपण, पर्यावरण संरक्षण का लिया गया संकल्प
मोतिहारी। जिला विधिक सेवा प्राधिकार, मोतिहारी के बैनर तले व्यवहार न्यायालय परिसर में पौधरोपण किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ व्यवहार न्यायालय परिसर में पौधरोपण कर किया गया। इस अवसर पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अभिषेक कुमार दास, प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय इसरार अहमद, एडीजे-प्रथम सुरेन्द्र प्रसाद, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकार नितिन त्रिपाठी तथा जिला वन प्रमंडल पदाधिकारी राजकुमार शर्मा ने एक-एक पौधा लगाकर पर्यावरण को प्रदूषणमुक्त बनाने तथा अधिकाधिक वृक्षारोपण करने का संकल्प लिया।
साथ ही उपस्थित सभी लोगों ने पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन हेतु शपथ भी ग्रहण की जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री दास ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी दायित्व नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिकों की नैतिक जिम्मेदारी है। नतीजतन वृक्षारोपण के साथ-साथ लगाए गए पौधों का संरक्षण भी उतना ही आवश्यक है।
सचिव, नितिन त्रिपाठी ने अपने संबोधन में कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक दिवस मनाने तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि इसे जनआंदोलन का रूप देने की आवश्यकता है। बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों के बीच प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है कि वह वृक्षारोपण करे तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में सक्रिय योगदान दे। जिला वन प्रमंडल पदाधिकारी राजकुमार शर्मा ने कहा कि जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए अधिक से अधिक वृक्षारोपण और प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण समय की आवश्यकता है।
उन्होंने न्यायिक पदाधिकारियों को पौधा भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम में न्यायिक पदाधिकारीगण विद्या प्रसाद, कमलेश चंद्र मिश्रा, बृजेश कुमार, राकेश कुमार तिवारी, रेशमा वर्मा सहित अन्य न्यायिक पदाधिकारी उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त एलएडीसी उमेन्द्र वर्मा एवं राम विनय मिश्रा, पारा विधिक स्वयंसेवक तथा न्यायालय कर्मियों ने भी कार्यक्रम में सक्रिय सहभागिता निभाई।कार्यक्रम का समापन पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने एवं अधिकाधिक वृक्षारोपण करने के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।

