राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के कार्यों की जिलाधिकारी ने की समीक्षा, दिए निर्देश
मोतिहारी।जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल ने समाहरणालय स्थित डॉ. राजेंद्र प्रसाद सभागार में अपर समाहर्ता मुकेश कुमार सिन्हा एवं उप विकास आयुक्त डॉ. प्रदीप कुमार की उपस्थिति में सभी अनुमंडल पदाधिकारी, डीसीएलआर, अंचल अधिकारी एवं राजस्व पदाधिकारी के साथ राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के कार्यों की समीक्षा की।
सर्वप्रथम परिमार्जन के कार्यों में हो रहे विलंब का कारण पूछा, जिस पर अंचल अधिकारियों ने बताया की जमाबंदी के लैंड डीटेल्स और जमाबंदी में नाम तथा आधार के नाम में मिसमैचिंग के कारण थोड़ा विलंब हो रहा है। फलस्वरूप जिलाधिकारी ने कहा कि इस कार्य में और तेजी लाए जाने की आवश्यकता है। किसान पंजीकरण के कार्य में तेजी लाने को लेकर उप विकास आयुक्त ने बताया कि सभी किसान सलाहकारों को इसमें लगाया जाए।

सभी अंचल अधिकारी और राजस्व अधिकारी अपने स्तर से इसमें सहयोग करें और प्रतिदिन के कार्यों का खुद से मॉनिटरिंग करें। उन्होंने कहा कि जिस दिन अभियान चलाया जा रहा है, उस दिन अच्छी प्रगति दिख रही है।परंतु सामान्य दिनों में प्रगति उतनी अच्छी नहीं दिख रही है।
राजस्व एवं भूमि सुधार के विभाग के कार्यों में जिलाधिकारी के द्वारा डिजिटल जमाबंदी, भू- मापी, अभियान बसेरा, गवर्नमेंट लैंड वेरिफिकेशन, अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई, कोर्ट से संबंधित लंबित मामले की समीक्षा की। वहीं निर्देश दिया की सभी अंचल अधिकारी अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करें।कोर्ट संबंधित मामले में जिलाधिकारी ने कहा कि कोर्ट के आदेश का अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।
अगर मामले में प्रति शपथ ले लिया गया है तो विभागीय पोर्टल पर उसे निश्चित रूप से अपलोड कर दिया जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि आपदा में मृत व्यक्ति से संबंधित अभिलेख आपदा शाखा को तुरंत भेज दिया जाए ताकि उसका नियमानुकूल भुगतान किया जा सके। जिला में चल रहे सड़क परियोजनाओं, रक्सौल हवाई अड्डा एवं ढाका अनुमंडल में सिविल कोर्ट के निर्माण से संबंधित भू अर्जन की प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश देते हुए कहा कि कैंप लगाकर किसानों का एलपीसी निर्गत करें एवं किसानों की जमीन से संबंधित अभिलेख जिला भू अर्जन कार्यालय को भेजा दें ताकि उससे संबंधित राशि का भुगतान सुनिश्चित हो सके।
सहयोग शिविर को लेकर जिलाधिकारी के द्वारा निर्देश दिया गया कि सभी क्षेत्रीय पदाधिकारी समय से सहयोग शिविर में उपस्थित होकर आम लोगों से आवेदन प्राप्त करें एवं उस पर धैर्य पूर्वक सुनवाई करें। उन्होने किसी भी स्थिति में जनता के साथ व्यवहार को विनम्र रखने का निर्देश दिया। वहीं सहयोग शिविर में प्राप्त आवेदनों की समीक्षा की एवं उसके शीघ्र निष्पादन का निर्देश दिया। समीक्षा में पाया गया कि लगभग 71 प्रतिशत मामलों का निष्पादन किया जा चुका है।

