डीडीसी ने एचआईवी एड्स जागरुकता रथ को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना
-असुरक्षित यौन सम्बन्ध, संक्रमित सूई या सीरिंज का प्रयोग, दूषित रक्त का अदान प्रदान से होता है एचआईवी, -बचाव हेतु जरूरी है जागरूकता 17 अगस्त तक लगाया जा रहा है कैंप कई प्रकार की होंगी जांच
मोतिहारी। एचआईवी एड्स जागरुकता रथ को समहरणालय परिसर से डीडीसी डॉ. प्रदीप कुमार ने हरी झंडी दिखा कर रवाना किया। उन्होंने कहा की स्वास्थ्य जांच हेतु जिले के दर्जनों स्थानों पर कैंप लगाया जा रहा है, जहां लोगों के एचआईवी / एड्स के साथ ही कई प्रकार की बीमारियों की जांच की जाएगी। एचआईवी/एड्स के प्रति जागरूकता फैलाने और लोगों को सुरक्षित स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी देने के लिए समय-समय पर ज़िला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग द्वारा रथ रवाना किया जाता है।
एड्स नियंत्रण पदाधिकारी सह संचारी रोग पदाधिकारी डॉ. संजीव ने कहा की जिले के 65 हाई रिस्क ग्रुप के संभावित स्थानों पर शिविर का आयोजन हो रहा है। इस दौरान लोगों की बीपी, शुगर, हेपेटाइटिस बी,सी
सिफलिस आदि जांच निःशुल्क की जाएगी।
डॉ. संजीव ने कहा की एचआईवी संक्रमण से बचने के लिए सुरक्षित यौन संबंध बनाए, और सुइयों (सिरिंज) का दुबारा इस्तेमाल न करें, हमेशा नए ब्लेड या रेजर इस्तेमाल करें।
अधिकांश मामलो मे सेक्स वर्कर, ड्राइवर, प्रवासी मजदूर के असावधानी के कारण एचआईवी संक्रमितो की संख्या बढ़ती है। जिले के एआरटी केंद्र मोतिहारी एवं डंकन हॉस्पिटल रक्सौल मे एचआईवी की मुफ्त जांच और आजीवन दवा की उपलब्ध है। बिहार सरकार द्वारा चलाई जा रही ‘बिहार शताब्दी एड्स पीड़ित कल्याण योजना’ के तहत 1500 रूपये प्रत्येक माह जीवन भर दी जाती है। वहीं माता -पिता के संक्रमित होने पर बच्चे के परवरिश योजना अंतर्गत 1 हजार 18 वर्ष तक दी जाती है।

