बनकटवा के युवक की हत्या कर नेपाल सीमा में फेंका शव
बनकटवा। भारत-नेपाल सीमा पर एक बार फिर अपराधियों ने दुस्साहस का परिचय दिया है। बनकटवा गांव के एक 27 वर्षीय युवक छोटन यादव उर्फ लाल दास की अज्ञात अपराधियों ने बेरहमी से हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद साक्ष्य छुपाने की नीयत से शव को नो-मेंस लैंड के बिल्कुल बगल में, नेपाल क्षेत्र के भीतर फेंक दिया गया।
इस घटना के बाद से सीमावर्ती इलाकों में दहशत और आक्रोश का माहौल है। परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, मृतक छोटन यादव बीते तीन दिनों से अचानक घर से लापता था। वह बिना किसी को कुछ बताए घर से निकला था और वापस नहीं लौटा। जब काफी समय बीत जाने के बाद भी उसका कोई सुराग नहीं मिला, तो परिजनों ने अपने स्तर पर उसकी हर संभावित जगह खोजबीन शुरू की। रिश्तेदारों और दोस्तों से पूछताछ के बाद भी युवक का कोई पता नहीं चल पा रहा था, जिससे परिजन बेहद परेशान और चिंतित थे।
सोमवार की अहले सुबह नेपाल के पिपरपाती चौकी पर तैनात सुरक्षाकर्मियों की नजर नो-मेंस लैंड के पास पड़े एक अज्ञात शव पर पड़ी। शव जितना थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बड़हरवा मौनी बाबा मठ के समीप नेपाली सीमा के अंदर मिला था। शुरुआत में शव की शिनाख्त नहीं हो पाने के कारण नेपाल पुलिस ने उसे लावारिस मान लिया। इसके बाद कानूनी औपचारिकताएं निभाते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय कलैया अस्पताल भेज दिया। सीमावर्ती क्षेत्र में अज्ञात शव मिलने की खबर आग की तरह फैल गई और युवक की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल होने लगीं।
जब यह वायरल फोटो लापता छोटन यादव के परिजनों तक पहुंची, तो उनके होश उड़ गए। तस्वीर देखते ही उन्होंने मृतक की पहचान छोटन के रूप में की। इसके तुरंत बाद रोते-बिलखते परिजन नेपाल के जिला मुख्यालय कलैया पहुंचे और अस्पताल प्रशासन व पुलिस के समक्ष आधिकारिक तौर पर शव की शिनाख्त की। वहीं नेपाल पुलिस ने कागजी और कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की।
परिजनों की मौजूदगी में जरूरी दस्तावेज तैयार किए गए। पूरी कानूनी प्रक्रिया का पालन करने के बाद, नेपाल पुलिस ने शव को अंतिम संस्कार के लिए उनके परिजनों को सौंप दिया। शव मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया और गांव में शोक की लहर दौड़ गई।

