विकसित भारत’ के लिए बिहार का विकास जरूरी : सम्राट चौधरी
केंद्र और राज्य के बीच सेतु की भूमिका निभाएं अधिकारी
नई दिल्ली/ पटना। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने स्पष्ट कहा कि ‘विकसित भारत’ के लिए तेज गति से बिहार का विकास जरूरी है। बिहार समृद्ध होगा, तो देश भी विकसित होगा। उन्होंने कहा कि बीस वर्षों में बिहार की बेहतर प्रगति हुई है। राज्य में कानून का राज कायम है और इसे और मजबूती दी जा रही है। शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं को मुहैया कराने के साथ ही जनकल्याणकारी कार्यों को बढ़ावा दिया गया है।
इससे ग्रामीण क्षेत्रों की भी तस्वीर बदली है। राज्य में हर वर्ग का विकास किया गया है। शहरों के नियोजित विकास पर भी जोर दिया जा रहा है। आधारभूत ढांचे का विकास भी लगातार किया जा रहा है, लेकिन बिहार में व्यापक बदलाव के लिए सामूहिक प्रयास की आवश्यकता है। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को बिहार के तेज विकास और निवेश को बढ़ावा देने के लिए केंद्र और राज्य सरकार के बीच सेतु की भूमिका निभाने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी नयी दिल्ली में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि बिहार में हो रहे बदलाव अब स्पष्ट दिख रहे हैं। बेहतर आधारभूत संरचना और कनेक्टिविटी राज्य में आनेवाले लोगों को विकास का एहसास भी करा रही है। श्री चौधरी ने पर्यटन क्षेत्र को मजबूत करने तथा बिहार की सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक विरासत को नयी पहचान दिलाने के सरकार के प्रयासों पर भी विस्तार से प्रकाश डाला। साथ ही विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े हितधारकों से बिहार के नवनिर्माण में सहयोग देने का आमंत्रण दिया है।
इस मौके पर कई वरिष्ठ अधिकारियों ने बिहार की शिक्षा व्यवस्था, प्रशासनिक ढांचे, पर्यटन, आधारभूत संरचना तथा कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए अपना विचार प्रगट किये। मौके पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह, केंद्रीय मंत्री ललन सिंह, केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर, अपने सुझाव एवं विचार साझा किया।
इस मौके पर केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान, सांसद राजीव प्रताप रूडी, सांसद रविशंकर प्रसाद, केंद्रीय मंत्री राजभूषण चौधरी, राज्यसभा सासंद संजय कुमार झा आदि उपस्थित थे। नीति आयोग के सदस्य राजीव गौबा और निवेश आयुक्त मनोज कुमार सिंह ने भी अपना अपना विचार प्रकट किया।

