85 वर्षीय बीके जनक नंदिनी के ईश्वरीय सेवा अर्थ पर सेमिनार का आयोजन

85 वर्षीय बीके जनक नंदिनी के ईश्वरीय सेवा अर्थ पर सेमिनार का आयोजन
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मोतिहारी। जिले में ब्रह्मकुमारी के कई केंद्र खोलने की सहयोगी बनी सिकटिया की बीके जनक नंदिनी माता की सेवा हर ब्रह्मा वत्स याद रखेंगे। 30 वर्ष पूर्व ईश्वरीय ज्ञान में आने के बाद किसान परिवार से आने वाले बीके शशि भाई ने न सिर्फ मुंबई में ब्रह्माकुमारी सेवा केंद्रो के संचालन सहयोगी बने बल्कि, बिहार में उनकी सेवा लगातार होती रही। वहीं उस सेवा में खुले दिल से सहयोगी बनी उनकी माता जनक नंदिनी जी। उक्त बातें नगर के बाल गंगा स्थित ओम निवास भवन में रविवार को आयोजित एक दिवसीय योग भट्ठी एवं विचार प्रवचन माला के साथ सम्मान समारोह के अवसर पर उत्तर बिहार की वरिष्ठ राज योगिनी बीके मीना दीदी ने कही।

उन्होंने कहा कि अपने मिलनसार स्वभाव, मीठे व्यवहार ईश्वरिय सेवा को समर्पित जनक नंदनी माता ने अपने पुत्र का हर कदम पर साथ दिया, परिणाम आज जिले में सिकटिया, अरेराज, बालगंगा ओमनिवास के अलावा मुजफ्फरपुर सबजोन एवं भगवानपुर वैशाली में 12 एकड़ क्षेत्रफल में बन रहे विशाल रीट्रीट सेंटर निर्माण में इस परिवार का भरपूर योगदान है। कार्यक्रम में योग भट्टी हुआ, उसके बाद दैनिक मुरली वर्ग चली, फिर बाबा को भोग स्वीकार कराया गया। बीके मीणा एवं बीके विभा ने जनक नंदिनी माता को अंगवस्त्र ईश्वरीय सौगात देकर सम्मानित किया।

उक्त अवसर पर उत्तर बिहार मीडिया प्रभारी बीके अशोक वर्मा ने कहा कि परिवर्तन आरंभ हो चुका है, इसलिए ब्रह्मा वत्सो को अपने पुरुषार्थ की चेकिंग अपने दर्पण में करनी है और शीघ्र संपूर्ण को प्राप्त करना है। बी के बिभा ने कहा कि जनक नंदिनी माता ने हर कदम पर अपने पुत्र को ईश्वरीये कार्य में सहयोग किया, इसका हीं परिणाम जिले में ब्रह्मकुमारी के कई सेवा केंद्र खुले और सेवा विस्तार हुआ।

कार्यक्रम में उपस्थित रहने वालों में मुख्य रूप से बीके आरती,बीके करुणा, बीके रिना, बीके लक्ष्मी, बीके पूनम बीके अंबालिका, बी के जगन्नाथ भाई, बीके रामनंदन, बी के अभिमन्यु, बीके भूषण, बीके मंजू रक्सौल, बीके आशा माता आदि के अलावा अन्य काफी संख्या में लौकिक अलौकिक भाई-बहन शामिल हुए।

anand prakash

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