भोपतपुर का गिरफ्तार नोट डब्लर हाल ही में नेपाल के धंधेबाज से साढ़े 7 लाख का किया था डील

भोपतपुर का गिरफ्तार नोट डब्लर हाल ही में नेपाल के धंधेबाज से साढ़े 7 लाख का किया था डील
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-गिरफ्तार सुलेमान पूर्व में गया था जेल , मनोज पर है चेक बाउंस का मामला 

मोतिहारी। भोपतपुर में गिरफ्तार नोट डब्लर गैंग ने हाल ही में नेपाल के एक धंधेबाज से साढ़े 7 लाख का डील किया था। सुलेमान और उसके सहयोगियों ने उसे 3 लाख असली रुपये लेकर साढ़े 7 लाख का फेक करेंसी दिया था। 8 जुलाई को भी नेपाल के ही धंधेबाज से एक बड़ी डील थी, पर इससे पहले ही सिंडिकेट पुलिस के हत्थे चढ़ गया। गिरफ्तार सुलेमान और मनोज ने पुलिस के समक्ष कई अहम खुलासे किए है।

बताया गया है कि उतर प्रदेश के एक बड़े धंधेबाज से बड़ी डील होनी थी,हालांकि इसकी पुख्ता जानकारी नहीं उपलब्ध हुई है। नोट डब्लर गैंग का मास्टर माइंड सुलेमान  वर्ष 2006 में भी जाली नोट के मामले में भोपतपुर कोटवा पुलिस के हत्थे चढ़ा था। गिरफ्तार किए गए नकली नोट के कारोबारी का बड़ा सिंडिकेट है, जिसमें तकरीबन एक दर्जन लोग शामिल है।

मामले में कोटवा,भोपतपुर,  कल्याणपुर सरीखे आसपास के 4 कारोबारी चिन्हित किए गए है, जिनको पुलिस ने अपने रडार पर लिया है।  संभव है कि पुलिस कप्तान स्वर्ण प्रभात के निर्देश पर उनकी गिरफ्तारी शीघ्र होगी। इस मामले में भोपतपुर थानाध्यक्ष विकास कुमार के सेल्फ स्टेटमेंट पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। जिसमें उक्त चारों के अलावें  सिंडिकेट के अन्य सदस्यों के नाम सामने आये है।

-बनारसी बनता था पुलिस अधिकारी

नोट डब्लर गैंग का गिरफ्तार अपराधी कोटवा गैरा गांव का बनारसी साह  अपने कद-कांठी का फायदा उठाते हुए पुलिस अधिकारी बनता था। पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार बदमाशों ने बताया है कि जहां भी जरूत होता था, तो बनारसी साह पुलिस अधिकारी बन जाता था, बाकी दो – तीन लोग पुलिस जवान बन कर हड़काते थे। जाली नोट के डील में पैसे के लेन देन के दौरान सामने वाला आनाकानी करता था तो, ये लोग उसे फर्जी पुलिस वाले से गिरफ्तार भी करा देते थे।  फिर पैसे वसूल कर छोड़ देते थे। बरामद आर्म्स और पुलिस बूट एवं वर्दी सहित अन्य सामानों का ऐसे ही इस्तेमाल किया जाता था। 

-जाली नोट भेजी गई पटना के फारेंसिक लैब

भोपतपुर में जब्त जाली नोटो को पटना के फारेंसिक लैब भेजी जाएगी। बताया गया है कि असली और नकली करेंसी की जांच के लिए उक्त जब्त रुपए को पटना के फारेंसिक लैब में भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके लिए वरीय पुलिस पदाधिकारी और न्यायालय से आदेश प्राप्त कर लैब भेजने की प्रक्रिया की जानी है। 

-मनोज गया था चेक बाउंस में जेल 

कल्याणपुर के शम्भूंचक गांव् निवासी नोट डब्लर गैंग का सदस्य मनोज कुमार राम चेक बाउंस के मामले में न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। मिली जानकारी के मुताबिक वह लगभग एक माह पहले ही जेल गया था।  जिसके बाद वह जमानत पर बाहर आया था। पुलिस की पूछताछ में उसने कई महत्वपूर्ण जानकारी दी है।

उल्लेखनीय है कि 7 जुलाई की देर रात से 8 जुलाई की सुबह तक भोपतपुर थाना क्षेत्र के जसौली पंचायत के वृत्त टोला,  कल्याणपुर के शम्भू चक,  मुफ्फसिल थाने के गोड़वा में छापेमारी कर 1 करोड़ 1 लाख नकली भारतीय नोट, 25 लाख चिल्ड्रेन बैंक वाला नोट और 13 लाख 20 हजार असली भारतीय रुपए जब्त कर चार लोगों को गिरफ्तार किया गया था। इस बड़ी कार्रवाई में चार डीएसपी सहित आधे दर्जन थानों की पुलिस और डीआईयू की टीम शामिल थी।

anand prakash

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