सुहागिन महिलाओं ने की वट सावित्री पूजा, पति की दीर्घायु के लिए किया कामना
मोतिहारी।सुहागिन महिलाओं ने शनिवार को हर्षोल्लास के साथ पति की दीर्घायु और अखंड सौभाग्य की कामना के लिए वट सावित्री व्रत पूजा की। इस व्रत को सुहागिन महिलाओं ने ज्येष्ठ मास क़ी कृष्ण पक्ष अमावस्या तिथि को मनाई जाती है।
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार सत्यवान की अल्प आयु होने की बात सत्यवती सावित्री को मालूम हुआ और देखते देखते उसकी मृत्यु हो गई। यमराज ने सत्यवान को मृत्यु लोक ले जाने की बात कही और यमराज सत्यवान को प्राण लेकर यमलोक जा रहे थे, तो सावित्री ने सत्यवान को प्राण वापस लाने की लिए इस व्रत को किया।
उसी समय से सुहागिन महिलाओं ने इस व्रत को बरगद के वृक्ष के पास बैठकर पूजा अर्चना कर तरह-तरह के पकवान मिष्ठान व्यंजन और फल तथा नैवेद्य को भोग लगाकर पुत्र पौत्र धन्य धान्य और पति की लंबी उम्र और सौभाग्य की कामना के लिए वट सावित्री व्रत करने क़ी परम्परा शुरू हुई।

