राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से हजारों लोगों को मिली बड़ी राहत
-न्यायिक अधिकारियों ने कहा: सुलभ, त्वरित एवं किफायती न्याय का माध्यम लोक अदालत
मोतिहारी। राष्ट्रीय एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वाधान में व्यवहार न्यायालय परिसर व गांधी प्रेक्षागृह सहित जिले के विभिन्न न्यायालयों में राष्ट्रीय लोक अदालत का सफल आयोजन किया गया।
राष्ट्रीय लोक अदालत का उद्घाटन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अभिषेक कुमार दास, प्रधान न्यायाधीश इसरार अहमद, एडीजे-1 सुरेंद्र प्रसाद एवं जिला पदाधिकारी सौरव जोरवाल द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।

कार्यक्रम में महासचिव राजीव कुमार द्विवेदी, अध्यक्ष शेषनाथ कुंवर सहित न्यायिक पदाधिकारी, अधिवक्ता एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे। राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न प्रकार के मामलों का निष्पादन किया गया।
जिसमें बैंक से संबंधित 971 मामलों का निपटारा करते हुए कुल ₹3,80,85,325 की समझौता राशि तय की गई। वहीं न्यायालय से संबंधित 782 मामलों का निष्पादन किया गया, जिसमें ₹1,73,000 की वसूली हुई। बीएसएनएल के 33 मामलों का निष्पादन कर ₹30778 की वसूली की गई। विशेष रूप से ट्रैफिक चालान मामलों में व्यापक निष्पादन किया गया, जिसमें अब तक 407 मामलों का निपटारा किया जा चुका है तथा प्रक्रिया लगातार जारी है।
राष्ट्रीय लोक अदालत के सफल संचालन हेतु मोतिहारी व्यवहार न्यायालय में 24 बेंच, प्रेक्षा गृह में 20, ढाका अनुमंडलीय न्यायालय में 2 बेंच तथा अरेराज अनुमंडलीय न्यायालय में 1 बेंच का गठन किया गया था। सभी बेंचों पर पक्षकारों के बीच सौहार्दपूर्ण समझौते के माध्यम से मामलों का त्वरित निष्पादन किया गया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अतिथियों एवं न्यायिक पदाधिकारियों ने राष्ट्रीय लोक अदालत की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए इसे सुलभ, त्वरित एवं किफायती न्याय व्यवस्था का प्रभावी माध्यम बताया।
अंत में धन्यवाद ज्ञापन जिला विधिक सेवा प्राधिकार, मोतिहारी के सचिव नितिन त्रिपाठी द्वारा किया गया। उन्होंने सभी न्यायिक पदाधिकारियों, अधिवक्ताओं, बैंक प्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों एवं कर्मियों के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।

