एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट ने किया जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन
-बच्चियों को बाल विवाह, बाल श्रम और तस्करी से बचने का दिया संदेश
रक्सौल। एंटी ह्यूमन ट्रेफिकिंग क्षेत्रक मुख्यालय एसएसबी 47वीं वाहिनी रक्सौल, प्रयास जुवेनाइल एड सेंटर पूर्वी चंपारण तथा स्वच्छ संस्था के तत्वावधान में सोमवार को कस्तूरबा बालिका उच्च विद्यालय परिसर में मानव व्यापार, बाल यौन शोषण, बाल विवाह एवं बाल श्रम की रोकथाम को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
जिसकी अध्यक्षता एंटी ह्यूमन ट्रेफिकिंग इंस्पेक्टर विकास कुमार ने की। उन्होंने बच्चियों को मानव व्यापार के खतरों पर जानकारी दी। शिक्षा पर जोर देते हुए कहा कि सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से दूरी बनाए। उनके झांसे में न आएं।
प्रयास जुवेनाइल एड सेंटर की जिला परियोजना समन्वयक आरती कुमारी ने भी बच्चियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि मानव तस्कर बहला-फुसलाकर नौकरी दिलाने के नाम पर बच्चियों की खरीद-फरोख्त कर रहे हैं। खासकर सोशल मीडिया के जरिए बच्चियों को अपने जाल में फंसा रहे हैं। उन्होंने बाल विवाह न करने की शपथ दिलाई। साथ ही बताया कि लड़कियों की शादी की उम्र 18 वर्ष और लड़कों की 21 वर्ष तय है। कम उम्र में विवाह करने पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है। उन्होंने बच्चियों से कहा कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या घटना की सूचना तुरंत चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 या प्रयास संस्था हेल्पलाइन 9289692023 पर दें।
वहीं स्वच्छ संस्था के अध्यक्ष रंजीत सिंह ने बच्चियों को प्रेरित करते हुए कहा कि माता-पिता से बड़ा कोई शुभचिंतक नहीं होता। इसलिए पढ़ाई पर ध्यान दें और भविष्य में कुछ बनकर दिखाएं। धन्यवाद ज्ञापन शिक्षक पवन किशोर कुशवाहा ने किया। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यालय में बार-बार होने चाहिए। इससे बच्चियां जागरूक होंगी और अपराध से बच सकेंगी।
मौके पर खेमराज, अरविंद द्विवेदी, आर्य लक्ष्मी, झिल्ली साहू, जिला परियोजना समन्वयक आरती कुमारी, सामाजिक कार्यकर्ता राज गुप्ता, उमेश कुमार श्रीवास्तव, अजय कुमार, आशीष कुमार, स्वच्छ संस्था से रंजीत सिंह, साबरा खातून सहित सैकड़ों बच्चियां उपस्थित थीं। कार्यक्रम के दौरान बच्चियों ने सजग रहने और पढ़ाई जारी रखने का संकल्प लिया। जागरूकता अभियान से विद्यालय का वातावरण उत्साहपूर्ण बना रहा। यह आयोजन न केवल बच्चियों के लिए उपयोगी रहा बल्कि समाज को भी बाल विवाह, तस्करी और शोषण के खिलाफ मजबूती से खड़े होने का संदेश दिया।

