उद्घाटन के अगले दिन से ही बंद पड़ा कोटवा का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, लौट रहे हैं मरीज
-व्यवस्था पर बड़ा सवाल , केवल सुरक्षा गार्ड के भरोसे अस्पताल
कोटवा। प्रखंड के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का उद्घाटन हाल ही में पूरे तामझाम के साथ स्थानीय जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की मौजूदगी में किया गया और अस्पताल को जनता को समर्पित किया गया। ऐसे में आश्चर्यजनक है यह कि उद्घाटन के अगले ही दिन से अस्पताल के दरवाजे पर ताला लटका रह रहा है , वहा महज एक गार्ड उपस्थित थे। जिससे लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। पूरे अस्पताल की जिम्मेदारी फिलहाल एक सुरक्षा गार्ड रामेश्वर सिंह के कंधों पर है। उनके अलावा न डॉक्टर मौजूद हैं, न ही नर्स या अन्य स्वास्थ्यकर्मी।मरीज अस्पताल पहुंच तो रहे हैं, लेकिन बिना इलाज के लौटने को मजबूर हैं। बताया गया है कि कोटवा सहित आसपास के गांवों से दर्जनों मरीज रोजाना अस्पताल पहुंच रहे हैं जो डॉक्टर और स्टाफ के अभाव में निराश होकर वापस लौट रहे है।
स्थानीय लोग आशनारायण सहनी, अशोक प्रसाद यादव, दुलार यादव,मुखिया मुखलाल राम, सरपंच शर्मा राम आदि ने कहा कि स्थिति देखते हुए यही लग रहा है कि अस्पताल का उद्घाटन केवल औपचारिकता पूरी करने के लिए किया गया है। अनियमितता के बावजूद स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन मौन है। ग्रामीणों ने जल्द से जल्द इलाज की समुचित व्यवस्था बहाल करने की मांग की है। इस बाबत पीएचसी प्रभारी गौरव कुमार ने बताया कि कूलिंग सिस्टम सहित कुछ उपकरण को वहा अभी स्थापित नहीं किया गया है, उसके स्थापित होने के साथ ही मरीजों का समुचित इलाज शुरू हो जायेगा।

