हरसिद्धि प्रखंड प्रमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित,जानकी देवी की कुर्सी गई
-बैठक मे नहीं पहुंची प्रमुख, भाग लिए 20 सदस्य
मोतिहारी। हरसिद्धि प्रखंड में राजनीतिक हलचल के बीच प्रखंड प्रमुख जानकी देवी के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव पारित हो गया। इसके साथ ही उनकी कुर्सी चली गई और प्रखंड की सियासत में नया मोड़ आ गया। अविश्वास प्रस्ताव पारित होते ही असंतुष्ट गुट में जश्न का माहौल देखा गया।
जानकारी के अनुसार, प्रमुख जानकी देवी के खिलाफ कुल 16 पंचायत समिति सदस्यों ने बीडीओ को आवेदन देकर अविश्वास प्रस्ताव लाया था। इसके बाद बुधवार को प्रखंड सभागार में विशेष बैठक बुलाई गई। हालांकि, इस महत्वपूर्ण बैठक में स्वयं प्रमुख जानकी देवी उपस्थित नहीं हुईं। प्रखंड में कुल 26 पंचायत समिति सदस्य हैं, जिनमें से 20 सदस्य बैठक में शामिल हुए। प्रमुख की अनुपस्थिति में उप प्रमुख वासिमा खातून ने बैठक की अध्यक्षता की। निर्धारित समय तक प्रमुख और अन्य कुछ सदस्यों के नहीं पहुंचने के बाद बैठक की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई और अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा शुरू हुई।
चर्चा के बाद बीडीओ गुलशन कुमार की निगरानी में मतदान कराया गया। मतदान में कुल 18 सदस्यों ने प्रमुख जानकी देवी के खिलाफ अपना मत दिया, जिससे अविश्वास प्रस्ताव बहुमत के साथ पारित हो गया। इस परिणाम के बाद प्रमुख का पद स्वतः समाप्त हो गया। अविश्वास प्रस्ताव पारित होने के बाद बीडीओ गुलशन कुमार ने बताया कि पूरी प्रक्रिया की रिपोर्ट जिला प्रशासन को भेजी जाएगी और आगे की कार्रवाई के लिए दिशा-निर्देश प्राप्त किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि नियमानुसार अगली प्रक्रिया जल्द ही पूरी की जाएगी।इस पूरे घटनाक्रम के दौरान असंतुष्ट गुट का नेतृत्व पूर्व प्रमुख चंदा कुमारी कर रही थीं। प्रस्ताव पारित होने के बाद उनके समर्थकों में खुशी का माहौल देखा गया। बैठक में समिति सदस्य सावित्री देवी, डॉ. सुरेश दास, मुस्तकीम मियां, सरफराज राय, बृजकिशोर यादव, सुगंधी देवी समेत कई अन्य सदस्य मौजूद रहे। इस घटनाक्रम के बाद हरसिद्धि प्रखंड की राजनीति में नई सरगर्मी शुरू हो गई है। अब सभी की नजरें आगामी प्रमुख के चुनाव और आगे की प्रशासनिक प्रक्रिया पर टिकी हैं।

