हथिया की बरसात ने मोतिहारी में मुंबई जैसी मैरीन ड्राइव निर्माण की खोली पोल
– जनजीवन पूरी तरह से रहा अस्त-व्यस्त, दुकाने रही बंद
– जगह जगह पेड़ गिरने से सड़कों पर यातायात बाधित
– सुबह आठ बजे से बिजली गुल, पीने की पानी के लिए दिनभर तरसते रहे लोग
मोतिहारी। मैरीन ड्राइव के निर्माण से मोतिहारी को मुंबई बनाने की तैयारी का पहला चरण पूरा ही हुआ ही था कि, हथिया नक्षत्र की बरसात ने उसके निर्माण की तकनीकी मानकों की पोल खोल कर रख दिया। तस्वीर में आप देख सकते हैं कि सड़क पर बारिश को घेर कर रखने और सड़क फिर से टूट जाने की व्यवस्था मुक्कमल है। जिसके बाद उसके मरम्मत का टेंडर निर्माण के साथ ही शुरू कर दिया जाएगा, क्योंकि अभी चुनावी मौसम भी है। शहर के कमाउ पूत सपूत सभी इसके लीपापोती में खबर छपते ही जुट जाएंगे। खैर जिले में करीब 19 घंटे से जारी बारिश ने गांव देहात से लेकर शहर को जलमग्न कर दिया है। फिलहाल बारिश जारी है। तेज हवा के बीच घनघोर बारिश ने पूरे नगर को कुछ ही घंटों पानी में डूबो दिया। गली-गली में घुटनों तक पानी भर आया है। नगर निगम, डबल इंजन सरकार और स्थानीय प्रशासन के बेतरतीब प्रयासों ने नगर को नरक बना डाला है। लेकिन पता नहीं किस उपलब्धि पर महोत्सव में मशगूल हैं, जनप्रतिनिधि और ज़िला प्रशासन। अलबत्ता ये सभी महोत्सव की मस्ती में डूबे रहे और जनता पानी में डूबी है। भारी बारिश का जनजीवन पर काफी असर पड़ा है सुबह से ही दुकान बंद रही निचले हिस्से में निर्मित मकान दुकान में पानी घुस गया सुबह 8:00 बजे से विद्युत विभाग के द्वारा लाइन काट दिया गया। नतीजतन लोगो का इनवर्टर भी कुछ घंटों के बाद बंद हो गए। रात काटने के लिए लोग मोमबत्ती खरीदते देखें गये । विद्युत विभाग के सहायक अभियंता फोन उठाकर वर्तमान स्थिति से निजात से संबंधित जानकारी देने से बचने के ख्याल से फोन रिसीव करना मुनासिब नहीं समझे। आश्चर्य है कि इस प्राकृतिक आपदा में भी विधुत विभाग की ओर से कोई एडवाइजरी जारी नहीं किया गया। ताकि लोगों को विद्युत विभाग के प्रति भरोसा हो। विभाग के इस रवैया से लोगों के अंदर असंतोष की भावना व्याप्त है। बारिश का असर यातायात पर भी भी पड़ा है, कई जगहों पर बड़े-बड़े पेड़ गिर गए हैं। फलस्वरूप यातायात की समस्या उत्पन्न हो गई है। गांवों के सभी खेतों में पानी भर आया है। जिससे फसलों को भी भारी क्षति की संभावना जताई जाने लगी है। दूसरी ओर भारी बारिश की संभावना को देखकर डीएम ने सुबह में ही सभी स्कूल, कॉलेज, कोचिंग संस्थानों को बंद करने का आदेश जारी कर दिया। फलस्वरूप सभी शिक्षण संस्थानें बंद रही। हाट बाजार में जरूरी समानो की खरीदारी के लिए लोगों को मशक्कत करनी पड़ी। शाम ढलने के दौरान आसमान में आई लाली भी लोगों को डराने लगी। कुल मिलाकर कहा जाए कि हथिया नक्षत्र में हुई बारिश ने कर्फ्यू का दृश्य उत्पन्न कर दिया।

