विपक्ष को महिला आरक्षण का विरोध की सजा जरूर मिलेगी:राधामोहन 

विपक्ष को महिला आरक्षण का विरोध की सजा जरूर मिलेगी:राधामोहन 
Facebook WhatsApp

मोतिहारी।  भाजपा महिला मोर्चा द्वारा आयोजित जन आक्रोश महिला पदयात्रा में सांसद राधामोहन सिंह शामिल हुए।  इसके उपरांत राजेन्द्र नगर भवन, मोतिहारी में भाजपा महिला मोर्चा द्वारा आयोजित “जन आक्रोश महिला सम्मेलन” को संबोधित करते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री सह सांसद राधामोहन सिंह ने कहा का कि यह जन आक्रोश महिला सम्मेलन केवल एक सभा नहीं है, बल्कि यह नारी सम्मान, अधिकार और स्वाभिमान की आवाज़ है। यह वह आवाज़ है, जिसे लंबे समय से दबाने की कोशिश की गई, लेकिन आज यह आवाज़ पूरे जोश और ताकत के साथ उठ रही है।

देश की करोड़ों महिलाओं की नजर संसद पर थी , देश की नारी शक्ति देख रही थी, मुझे भी यह देखकर बहुत दुख हुआ, कि जब ये नारी हित का प्रस्ताव गिरा, तो कांग्रेस, डीएमके, टीएमसी , सपा , जैसी परिवारवादी पार्टियां, खुशी से तालियां बजा रही थीं । महिलाओं से उनके अधिकार छिनकर ये लोग मेजें थपथपा रहे थे।

उन्होंने जो किया वो केवल टेबल पर थाप नहीं थी, वो नारी के स्वाभिमान पर उसके आत्मसम्मान पर चोट थी और नारी सब भूल जाती है। अपमान कभी नहीं भूलती, इसलिए संसद में कांग्रेस और उसके सहयोग के उन सबके व्यवहार की कसक हर नारी के मन में हमेशा रहेगी। देश की नारी जब भी अपने क्षेत्र में इन नेताओं को देखेगी, तो वो याद करेगी कि इन्हीं लोगों ने संसद में महिला आरक्षण को रोकने का जश्न मनाया था।

संसद में नारी शक्ति वंदन संशोधन का जिन दलों ने विरोध किया है, उनसे मैं दो टूक कहूंगा , ये लोग नारी शक्ति को फॉर ग्रांटेड ले रहे हैं, वो ये भूल रहे हैं, कि 21वीं सदी की नारी देश की हर घटना पर नजर रख रही है, वो उनकी की मंशा भाप रही है और सच्चाई भी भली भांति जान चुकी है।

इसलिए महिला आरक्षण विरोध करके जो पाप विपक्ष ने किया है, इसकी उन्हें सजा जरूर मिलेगी । इन दलों ने संविधान निर्माताओं की भावनाओं का भी अपमान किया है और जनता द्वारा इसकी सजा से भी वो बच नहीं पाएंगे। सदन में नारी शक्ति वंदन संशोधन किसी से भी कुछ छिनने का नहीं था। नारी शक्ति वंदन संशोधन हर किसी को कुछ ना कुछ देने का था, देने के लिए संशोधन का था । ये 40 साल से लटके हुए नारी के हक को , 2029 के अगले लोकसभा चुनाव से उसका हक देने का संशोधन था।

“नारी शक्ति वंदन अधिनियम” केवल एक कानून नहीं है, यह देश की आधी आबादी, हमारी माताओं, बहनों और बेटियों, को समान अधिकार और प्रतिनिधित्व देने का संकल्प है। यह अधिनियम महिलाओं को राजनीति और निर्णय लेने की प्रक्रिया में मजबूत भागीदारी देने का रास्ता खोलता है।

लेकिन दुख की बात है कि जब इस ऐतिहासिक पहल को आगे बढ़ाने का समय आया, तब विपक्ष ने इसे पारित नहीं होने दिया। हम यहा केवल विरोध करने नहीं, बल्कि जवाब मांगने आए हैं। इस मंच से हम यह संकल्प लेते हैं कि

हम महिलाओं के अधिकारों के लिए हर स्तर पर आवाज़ उठाएंगे।इस अधिनियम को लागू कराने के लिए जन-जागरूकता बढ़ाएंगे। इस संघर्ष को तबतक जारी रखें जबतक हर महिला को उसका पूरा अधिकार नहीं मिल जाता है। कार्यक्रम का संचालन महिला मोर्चा की महामंत्री रंजना श्रीवास्तव ने किया। इस अवसर पर स्थानीय विधायक प्रमोद कुमार, उप महापौर डॉ. लालबाबू प्रसाद, जिलाध्यक्ष पवन राज, उपाध्यक्ष मीना मिश्रा, महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष नीता शर्मा, महामंत्री ऊषा गुप्ता, डॉ हेना चन्द्रा, उपाध्यक्ष संध्या वर्मा एवं नीलम देवी, प्रदेश नेत्री संगीता चित्रांश एवं पुतुल पाठक सहित बड़ी संख्या में महिला मोर्चा की कार्यकर्ता व महिलाएं उपस्थित थी।

anand prakash

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

चोरी करने से बेहतर है खुद की कंटेंट बनाओ! You cannot copy content of this page