बिहार कृषि विश्वविद्यालय सबौर में सिंदूर की खेती हुई शुरू
भागलपुर।बिहार कृषि विश्वविद्यालय सबौर में एक अनोखी और पारंपरिक खेती की शुरुआत की गई है। यहां अब सिंदूर की खेती की जा रही है, जो किसानों के लिए आय का नया जरिया बन सकती है।यह खेती विश्वविद्यालय की कृषि वैज्ञानिक डॉ. वी शाजिदा बानू की देखरेख में हो रही है।
इस संबंध में डॉ. वी शाजिदा बानू ने बताया कि लोगों के बीच सिंदूर को लेकर जानकारी काफी सीमित है। आमतौर पर इसे केवल महिलाओं के श्रृंगार से जोड़कर देखा जाता है, जबकि इसका उपयोग खाद्य पदार्थों में भी किया जाता है।
वहीं विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. डी.आर. सिंह ने बताया कि यह पहल धरोहर से व्यापार के उद्देश्य से की जा रही है। इसका मकसद पारंपरिक संसाधनों को संरक्षित करते हुए किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है। कृषि विश्वविद्यालय की इस पहल से उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले समय में सिंदूर की खेती किसानों के लिए एक लाभकारी विकल्प साबित होगी और प्रदेश में नई कृषि संभावनाओं के द्वार खोलेगी।

