मोतिहारी में जहरीली शराब कांड में मरने वालों की संख्या बढकर हुई पांच,एक दर्जन बीमार, थानाध्यक्ष निलंबित, चौकीदार गिरफ्तार
-हत्या के मामले में प्राथमिकी दर्ज
-मुख्य कारोबारी सहित आठ गिरफ्तार
-प्रभावित गांवों में मेडिकल कैम्प
-बीमार लोगों का हो रहा है समुचित इलाज: डीआईजी
पूर्वी चंपारण(मोतिहारी)। जिले के तुरकौलिया और रघुनाथपुर थाना क्षेत्रों में कथित जहरीली शराब कांड ने भयावह रूप ले लिया है। इस घटना में अबतक पांच लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि एक दर्जन से अधिक लोग बीमार हैं। सभी बीमारों का इलाज अलग-अलग अस्पतालों में चल रहा है, जिनमें अब भी कुछ लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है।
मृतकों में जयसिंहपुर पुलवाघाट के चंदू प्रसाद, परसौना के प्रमोद यादव, परीक्षण मांझी, बालगंगा के सम्पत साह और हरदिया के हरी भगत शामिल है।
जबकि बालगंगा के विनोद साह, राहुल पासवान, लोहा ठाकुर, लड्डू साह समेत कई लोगों की स्थिति नाजुक बनी हुई है। चिकित्सकों ने लड्डू साह और विनोद साह को बेहतर इलाज के लिए पीएमसीएच रेफर किया है। जाहिर है मरने वालों की संख्या में वृद्धि की आशंका व्यक्त की जा रही है।
अलबत्ता सच्चाई यह है कि शराबबंदी यहां गुलाबी फाइलों में बंद है। बावजूद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार चंद जीविका महिलाओं के चक्कर में शराब की तस्करी को बढ़ावा देकर मौत का बड़ा कारण बना दिए हैं। राजस्व को नुकसान के साथ नकली शराब की बिक्री धड़ल्ले से जारी है।

बताते हैं कि बुधवार शाम सभी ने परसौना और बालगंगा में शराब का सेवन किया था, जिसके बाद रात में उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। लगातार हो रही मौतों से बालगंगा, लक्ष्मीपुर, गदरिया और परसौना गांवों में मातम पसरा हुआ है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी स्वर्ण प्रभात ने तुरकौलिया के थानाध्यक्ष उमाशंकर मांझी को निलंबित कर दिया है। वहीं चौकीदार भरत यादव को गिरफ्तार किया गया है, जो मुख्य शराब कारोबारी नागा राय का रिश्तेदार बताया जा रहा है।
आरोप है कि वह शराब कारोबारी को सहयोग करता था। पुलिस ने मुख्य आरोपी नागा राय समेत आठ शराब कारोबारियों को गिरफ्तार किया है और सप्लायर की पहचान कर उसे पकड़ने के लिए छापेमारी तेज कर दी है। मामले में रघुनाथपुर और तुरकौलिया थाना में अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई है।
मृतक प्रमोद यादव की पत्नी सुगंति देवी के आवेदन पर भी मामला दर्ज किया गया है, जिसमें जहरीली शराब से मौत की बात कही गई है। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में मेडिकल कैंप लगाकर लोगों का इलाज शुरू कर दिया है। एसपी, डीएसपी और एसडीओ समेत पुलिस-प्रशासन की टीम गांवों में लगातार गश्त कर स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
डीआईजी हरकिशोर राय ने बताया कि सभी बीमारों का समुचित इलाज कराया जा रहा है और मामले में संलिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। अब सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि शराबबंदी के बाद भी शराब एवं स्पिरिट से निर्मित शराब की बिक्री धड़ल्ले से हो रही है।
बावजूद राज्य सरकार शराबबंदी का ढिंढोरा पीट रही है। जाहिर है इस मामले में सरकार असंवेदनशीलता की मिसाल पेश कर लोगों को मौत के मुंह में धकेल पर मजबूर कर रख दी है।

