प्रेमी को अलग कराने के इंतकाम में प्रेमिका ने महिला के 5 वर्षीय बेटी की काट दी गर्दन
-भाभी के फोन से फ्लिपकार्ट से मंगाई चाकू , सख्ती पर खुल गया राज
-प्रेम संबंध में दरार आने पर एक के बाद एक की अठारह घटनाएं
मोतिहारी/चिरैया। चिरैया थाना क्षेत्र के हीरापट्टी गांव में बीते 20 मार्च को पांच वर्षीय आंशिका कुमारी की गला रेतकर हत्या मामले में पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। रविवार को चिरैया थाना पर आयोजित प्रेस वार्ता में सिकरहना एसडीपीओ उदय शंकर ने चौंकाने वाले खुलासे किए।
इस मामले में गांव के ही बीए की छात्रा अंशिका कुमारी को गिरफ्तार किया गया है।बताते है कि मृतिका अंशिका घटना के दिन शाम को आई आंधी में अचानक लापता हो गई थी। परिजनों ने काफी खोजबीन की लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला । जिसके बाद उसकी मां रागनी देवी ने थाने में गुमशुदगी की प्राथमिकी दर्ज कराई।
वही ठीक उसके अगले दिन बच्ची का शव अभिमन्यु यादव के बकला के खेत से बरामद हुआ। इस दौरान एसपी स्वर्ण प्रभात ने ख़ुद घटना स्थल का निरीक्षण किया और अधिकारियों को निर्देश भी दिया। मौके पर पहुंची डॉग स्कावर्ड एवं एफ.एस.एल. की टीम ने हर एक बिंदु पर छानबीन की। साक्ष्य और टेक्निकल इनपुट के आधार पर पुलिस ने छात्रा शिल्पी को हिरासत में लिया।
पूछताछ में शुरुआत में छात्रा पुलिस को गुमराह करती रही। लेकिन सख्ती से पूछताछ के बाद उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया। एसडीपीओ उदय शंकर ने बताया है आरोपी इतनी शातिर है कि हत्या को हादसा बना लोगों को गुमराह कर देती थी। अंशिका की हत्या के पीछे की वजह अभियुक्त शिल्पी का प्रेम प्रसंग उसके गांव के ही नीतीश कुमार नाम के युवक के साथ चल रहा था।
शिल्पी और नीतीश के घर वाले इस रिश्ते से नाराज थे , नतीजतन संबंध टूट गया। इसके कारण वह बदला लेने की रणनीति बनाने लगी। शुरुआत उसने अपने ही घर से की। फिर एक – एक कर उसने आगलगी और हत्या सहित 18 घटनाओं को अंजाम दिया। इन कांडों को वह बहुत ही शातिराना अंदाज में की जिससे वह पकड़ में नहीं आई।
प्रेमी नीतीश के दादा को सोए अवस्था में पेट्रोल डाल कर आग लगा दिया। जिनका इलाज के दौरान मौत हो गई। आरोपी ने पुलिस के समक्ष स्वीकारा है कि अंशिका की मां ने इसके प्रेमी को भड़का कर उससे अलग करा दी।
-हत्या से पहले अंशिका की बड़ी मा का ऑडियो बनाकर किया वायरल
मृतका अंशिका की बड़ी मां चोरी का आरोप लगा कर शिल्पी को उसके ही घर वालो से पिटाई कराई। इसको लेकर उसने खौफनाक चाल चली , जिसमें एक तीर से दो शिकार हो जाय। पहला की अंशिका की हत्या करना और उस हत्या में उसकी बड़ी मां को फसाना। अंशिका की हत्या से पहले उसके बड़ी मां के नाम से हत्या करने का कई ऑडियो रिकॉड किया और हत्या के बाद उसे वायरल कर दिया , ताकि पुलिस सीधे तौर पर मृतका की बड़ी मां को गिरफ्तार कर ले। पुलिस अनुसंधान ने उसके पूरे मंसूबे पर पानी फेर दिया है।
-फ्लिप कार्ड से मंगाई थी हत्या में प्रयुक्त चाकू
शिल्पी ने हत्या में इस्तेमाल करने के लिए फ्लिप कार्ड से चाकू मंगाई थी। चाकू अपनी भाभी के बहन के फोन से बुक की थी। पुलिस को गुमराह करने के लिए शव के पास उसने बिना खून लगा चाकू डाला और हत्या जिस चाकू से की थी उसे अपने घर में छुपा कर रखा था। जिसे पुलिस बरामद कर ली थी। जांच के दौरान पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त चाकू, ऑडियो वायरल करने वाला मोबाइल, सिम सहित अन्य सामान को बरामद कर लिया है।
-छापेमारी टीम में थे शामिल
5 वर्षीय अंशिका की नृशंस हत्या कांड के उद्भेदन में एसपी स्वर्ण प्रभात ने सिकरहना एसडीपीओ उदय शंकर के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया था। जिसने इंस्पेक्टर एसएन पांडेय, थानाध्यक्ष महेश कुमार, अपर थानाध्यक्ष खगेश झा व कोमल कुमारी सहित सशस्त्र बल शामिल थे।

