सांसद के प्रयास से रक्सौल को मिली बड़ी सौगात
-रक्सौल से दक्षिण भारत के लिए मिली ट्रेन
-विधायक प्रमोद सिन्हा ने सांसद डॉ. संजय जायसवाल के प्रति कृतज्ञता जताया
पूर्वी चंपारण। जिले के नेपाल सीमावर्ती क्षेत्र रक्सौल और संपूर्ण चंपारण के रेल यात्रियों के लिए आज का दिन एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज हो गया है। स्थानीय सांसद डॉ. संजय जायसवाल ने सोशल मीडिया के माध्यम से क्षेत्र की जनता को यह सुखद सूचना साझा किया है कि रेल मंत्रालय द्वारा रक्सौल से दक्षिण भारत (तिरुपति) के लिए एक नई ट्रेन को स्वीकृति प्रदान कर दी गई है।
अब यह नई ट्रेन गाड़ी संख्या 17434/17433 “रक्सौल-तिरुपति एक्सप्रेस” के रूप में स्थाई रूप से संचालित होगी। इस उपलब्धि पर स्थानीय विधायक प्रमोद कुमार सिन्हा ने सांसद डॉ. संजय जायसवाल के प्रति अनन्य कृतज्ञता ज्ञापित करते हुए इसे चंपारण के विकास में एक मील का पत्थर बताया है। विधायक श्री सिन्हा ने कहा कि यह ऐतिहासिक निर्णय है। सांसद के अथक पुरुषार्थ, दूरदर्शी नेतृत्व और जन-सेवा के प्रति उनकी अविचल प्रतिबद्धता का ही सुखद प्रतिफल है।
उन्होंने रक्सौल विधानसभा के जन-जन की ओर से सांसद हृदय से साधुवाद करते हुए इसे क्षेत्र के लिए एक भगीरथ प्रयास बताया। यहां बता दें कि सांसद डॉ. संजय जायसवाल ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का विशेष आभार प्रकट किया है।
उन्होंने बताया कि रक्सौल से दक्षिण भारत की यात्रा में यात्रियों को होने वाली भारी असुविधाओं को देखते हुए ं रेल मंत्री से इस नई ट्रेन के परिचालन का विशेष आग्रह किया था, जिसे केंद्र सरकार ने सहर्ष स्वीकार कर लिया है।
वर्तमान में बंगाल चुनाव की व्यस्तताओं के कारण कोलकाता में होने की वजह से वे इसके औपचारिक उद्घाटन में प्रत्यक्ष रूप से सम्मिलित नहीं हो पा रहे हैं, परंतु उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया है कि क्षेत्र की समस्याओं के स्थाई निराकरण के लिए उनका संकल्प सदैव अडिग रहेगा।
विधायक श्री सिन्हा ने विशेष रूप से रेखांकित किया कि इस नई ट्रेन के शुरू होने से अब नेपाल स्थित पशुपतिनाथ महादेव और दक्षिण भारत के मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग के मध्य एक सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक सेतु स्थापित हो गया है।
इस निर्णय से न केवल श्रद्धालुओं का मार्ग सुगम होगा, बल्कि रक्सौल की आर्थिक और व्यापारिक गतिविधियों को भी एक नई उंचाई मिलेगी।

