श्रद्धा और विश्वास से पूरित होकर श्रीराम कथा का श्रवण करें, मिलेगा पूर्ण लाभ: साध्वी प्रभा जी
– नरसिंह बाबा मंदिर परिसर में आयोजित 9 दिवसीय श्री राम कथा का दुसरा दिन
मोतिहारी। मानस सत्संग समिति के तत्वावधान में स्थानीय नरसिंह बाबा मंदिर परिसर में आयोजित 9 दिवसीय श्री राम कथा में वृंदावन धाम उरई आश्रम से पधारी विदुषी कथा वाचिका साध्वी भक्ति प्रभा जी ने कथा के प्रथम दिवस का आगाज किया। उन्होंने श्री राम कथा के महत्व को बड़े ही भावपूर्ण ढंग से निरूपित किया।
बताया कि इस भीषण कलीकाल में जीव की प्रवृत्ति कुमार्ग की ओर अग्रसर हो जाती है । साथ ही ईश्वर प्राप्ति के लिए जितने भी साधन वेद, शास्त्र, संतों के द्वारा बताया गया है, उन साधनों में मालिनता आ जाती है, तब इस भवसागर में नारकीय जीवन जीने को जीव विवश हो जाता है। कलीकाल के ऐसी भयंकर परिस्थिति से जीवात्मा के परम कल्याण हेतु पादपूज्य गोस्वामी तुलसीदास जी ने सात कांडों में रामचरितमानस की रचना कर इस जगत पर भारी उपकार किया है।
मानस के सातों कांड जीवात्मा को भवसागर में डुबने से बचाने वाली जहाज के समान है। सहज, सरस और सरल इस रामकथा रुपी गंगा में डुबकी लगा कर कोई भी जीव सहजता से इस कलि समुद्र को पार कर सकता है। रामकथा श्रवण का पूर्ण लाभ का अधिकारी वहीं होता है जो श्रद्धा और विश्वास से पूरित होकर श्रीराम कथा का श्रवण करें । इसलिए माता पार्वती जो साक्षात श्रद्धा स्वरूपा हैं और भगवान शिव जो साक्षात विश्वास स्वरुपा हैं, इनकी कृपा के बगैर श्रीराम कथा का वास्तविक लाभ नहीं मिल पाता ।
इस अवसर पर मानस सत्संग समिति के प्रो. राम निरंजन पांडे, प्रोफेसर सुरेश चंद्र, अवध किशोर द्विवेदी, कामेश्वर सिंह, अनंत झा, उमेश सिंह, संजय कुमार तिवारी, अनिमेष कुमार, चंद्रभूषण दुबे, जितेंद्र त्रिपाठी आदि समेत सैकड़ों राम भक्त कथा प्रेमी उपलब्ध रहे।

