उर्वरक की कालाबाजारी पर लगाए रोक,अनियमितता बरतने वाले पर होगी कारवाई: डीडीसी
-कृषि एवं मत्स्य विभाग के साथ बैठक में दिए कई निर्देश
मोतिहारी। डॉ. प्रदीप कुमार, उप विकास आयुक्तकी अध्यक्षता में जिला स्तरीय कृषि टॉस्क फोर्स की बैठक की गई, जिसमें जिला कृषि पदाधिकारी मनीष कुमार सिंह ने कृषि विभाग से संबंधित योजनाओं के बारे में विस्तृत रूप से प्रकाश डाला।
जिला कृषि पदाधिकारी ने बताया कि जिले में उर्वरक की कोई कमी नहीं है। किसानों को सुगमतापूर्वक उर्वरक प्राप्ति हो, फलस्वरूप विभाग तत्पर है। सीमावर्ती क्षेत्रों में औचक छापेमारी की जा रही है। तत्पश्चात उप विकास आयुक्त ने निदेशित किया कि सभी थोक उर्वरक विक्रेता उर्वरक के जीरो टॉलरेंस नीति के तहत उर्वरक का वितरण करेंगे तथा उर्वरक बिक्री में किसी भी प्रकार का अन्य उत्पाद टैग्ड नहीं करेंगे।
वहीं निर्देश दिया कि सभी किसान सलाहकार, कृषि समन्वयक, प्रखंड कृषि पदाधिकारी एवं अनुमंडल कृषि पदाधिकारी अलर्ट मोड पर रहें ताकि, उर्वरक की कालाबाजारी एवं उर्वरक बिक्री पर पैनी नजर बनी रहे।
सभी अनुमंडल कृषि पदाधिकारी को निदेशित किया कि सभी अनुमंडल कृषि पदाधिकारी खुदरा उर्वरक विक्रेताओं का भौतिक रूप से भंडारित उर्वरक एवं पॉस में अंकित उर्वरक की जांच करेंगे। किसी भी प्रकार की अनियमितता पाये जाने पर कार्रवाई के लिए जिला कृषि पदाधिकारी को प्रतिवेदित करेंगे।
जिला कृषि पदाधिकारी को निदेशित किया कि बनकटवा प्रखंड अंतर्गत जिन गांवों/पंचायतों र्में उर्वरक की आपूर्ति पर रोक लगाई गई है। उन गांव/पंचायत में किसानों की सूची किसान सलाहकार से तैयार कर प्रखंड कृषि पदाधिकारी के माध्यम से जिला कृषि पदाधिकारी को उपलब्ध कराये ताकि संबंधित गांव/पंचायत के किसानों को चिन्ह्ति प्रतिष्ठानों से उर्वरक उपलब्ध कराया जा सके।
बैठक में जिला पशुपालन पदाधिकारी, जिला मत्स्य पदाधिकारी, सहायक निदेशक पौधा संरक्षण, सहायक निदेशक रसायन, सहायक निदेशक ’बीज विश्लेषण’, अनुमंडल कृषि पदाधिकारी सदर, सिकरहना, चकिया एवं रक्सौल उपस्थित थे।

