रक्सौल में सशस्त्र सीमा बल की 47वीं वाहिनी ने किया “नशा मुक्त भारत अभियान” कार्यक्रम का आयोजन
सशस्त्र सीमा बल की 47 वीं रक्सौल में “नशा मुक्त भारत अभियान” कार्यक्रम का आयोजन
– स्कूली बच्चों ने अपनी प्रस्तुति से नशा के दुष्परिणामों को दर्शाया
रक्सौल। 47वीं वाहिनी, सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) रक्सौल की ओर से समवाय मुख्यालय, पंटोका परिसर में “नशा मुक्त भारत अभियान” के तहत एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर ग्राम पंटोका एवं भरतमहि (वाइब्रेंट विलेज) के स्थानीय नागरिकों के साथ बड़ी संख्या में स्कूली छात्र-छात्राएं शामिल हुए। सभी प्रतिभागियों को नशा मुक्त भारत अभियान के प्रतीक चिन्ह वाले टी-शर्ट प्रदान किए गए। कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती शिशु विद्या मंदिर के छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुत नुक्कड़ नाटक से हुई।
बच्चों ने नशा के दुष्प्रभाव, इसके सामाजिक और पारिवारिक परिणामों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। तपश्चात डंकन अस्पताल, रक्सौल की वरिष्ठ परामर्शदाता मनोचिकित्सक डॉ. ब्लेस्सी सुचरिता ने नशा से होने वाले गंभीर दुष्परिणामों
के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि नशा एक गंभीर मानसिक एवं सामाजिक समस्या है, जिसका समय रहते उपचार आवश्यक है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए 47 वीं वाहिनी के कमांडेंट संजय पांडेय ने कहा कि नशा केवल एक बुरी आदत नहीं, बल्कि एक बीमारी है। इससे निपटने के लिए समाज के सभी वर्गों को एकजुट होकर प्रयास करने होंगें । उन्होंने इसे सामाजिक दायित्व बताते हुए नशा उन्मूलन के लिए सामूहिक संकल्प लेने की अपील की। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने नशा मुक्ति की शपथ ली तथा राष्ट्रगीत “वंदे मातरम्” के संपूर्ण छंद का सामूहिक गायन कर कार्यक्रम का समापन हुआ । इस अवसर पर उप कमांडेंट दीपक कृष्ण, उप कमांडेंट नवीन कुमार साह, नेपाल एपीएफ के बल सदस्य, निरीक्षक बजरंज सिंह, निरीक्षक नंद किशोर तिवारी, मुखिया प्रतिनिधि उमेश चौरसिया, उप मुखिया सनोज यादव, प्रधानाध्यापक प्रेम रंजन पटेल सहित 47 वीं वाहिनी के बलकर्मी एवं स्थानीय गणमान्य लोग उपस्थित थे।

