सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के आलोक में राष्ट्रीय उच्च पथ पर
-हाईवे सेफ्टी जोन का निर्धारण सुनिश्चित करें : डीएम
– सड़क के किनारे से बलपूर्वक हटेगा अतिक्रमण
मोतिहारी। सर्वोच्च न्यायालय के फलोदी दुर्घटना को लेकर राष्ट्रीय उच्च पथ सुरक्षा वाद में 13अप्रैल 2026 को पारित आदेश के अनुपालन को लेकर शनिवार को जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल एवं पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात की संयुक्त अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित डाॅ. राधाकृष्णन सभागार में जिला हाईवे सेफ्टी टास्कफोर्स की बैठक आहुत की गई, जिसमें जिलाधिकारी ने जिले से होकर गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्गो पर ले-बाय सुविधा का निर्माण, अवैध पार्किंग की विवरणी, रोड सेफ्टी जोन के भीतर अवैध अतिक्रमण अथवा अनाधिकृत वाणिज्यिक संरचनाओं इत्यादि बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया।
बैठक में परियोजना निदेशक, एनएचएआई, मोतिहारी एवं मुजफ्फरपुर/जिला परिवहन पदाधिकारी/सभी अनुमंडल पदाधिकारी/ सभी अनुमंडल पुलिस। पदाधिकारी मौजूद थे। जिलाधिकारी ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा राष्ट्रीय उच्च पथ सेफ्टी को लेकर जारी किए गए निर्देश के आलोक में हाईवे सेफ्टी जोन का निर्धारण सुनिश्चित करें एवं इस बीच में आने वाले स्थाई एवं अस्थाई स्ट्रक्चर को यथाशीघ्र हटाये। जिलाधिकारी ने कहा कि सबसे पहले रोड साइड में अतिक्रमण और अवैध पार्किंग स्थलों को चिन्हित करें एवं इसके विरुद्ध अभियान चलाकर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

एनएचएआई के प्रोजेक्ट मैनेजर ने बताया कि सड़को के किनारे अतिक्रमण और अवैध पार्किंग का सर्वे किया जा रहा है। सोमवार तक सभी स्थलों को चिन्हित कर लिया जाएगा। इस पर पुलिस अधीक्षक के द्वारा निर्देश दिया गया कि सर्वे में जो अस्थाई स्ट्रक्चर आता है, उसे स्थानीय थाना के सहयोग से हटाने की कार्रवाई की जाए एवं जो स्थाई स्ट्रक्चर यानी की ढाबा इत्यादि उनके संचालक को पहले नोटिस जारी करें और निर्धारित समय सीमा में नहीं हटाने पर स्थानीय थाना के सहयोग से उसे भी हटाये।
जिलाधिकारी ने कहा कि वैसे स्थलों को भी चिन्हित करें, जहां दुर्घटनाएं हो रही है। इसके लिए प्राथमिकता निर्धारित कर रोड सेफ्टी फीचर्स को लागू करें। उन्होंने कहा कि एनएचएआई के फील्ड ऑफिसर माह में एक बार एनएच का निश्चित रूप से इंस्पेक्शन करें। जिला परिवहन पदाधिकारी को निर्देश दिया कि सभी डिविजन से बात करें एवं हाईवे सेफ्टी जोन को सुनिश्चित कराएं। जिला परिवहन पदाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग के उपस्थित पदाधिकारी से एनएच के लिए एंबुलेंस सेवा उपलब्ध कराने की मांग की।

