केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कृषि संस्थानों का किया भ्रमण
पूर्वी चंपारण। केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह रक्सौल जाने के क्रम में गुरूवार को पीपराकोठी स्थित कृषि विज्ञान केंद्र पहुंचे। उन्होंने कृषि विज्ञान केंद्र, पशु प्रजनन केंद्र और पंडित दीनदयाल उपाध्याय वानिकी एवं उद्यानिकी महाविद्यालय का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने वैज्ञानिकों के साथ खेती में नई तकनीकों, मिट्टी की उर्वरा शक्ति और किसानों की आय बढ़ाने के उपायों पर विस्तार से चर्चा की।
पत्रकारों से बातचीत में मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि ये संस्थान किसानों की ‘रीढ़’ हैं और यहां के वैज्ञानिकों के प्रयास से खेती की दिशा बदल सकती है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोच के अनुरूप किसानों की आय दोगुनी करने और खेती में रासायनिक उर्वरकों के कम उपयोग पर विशेष जोर दिया जा रहा है। मिट्टी में कार्बन की मात्रा बढ़ाने के लिए बायोचार और विभिन्न माइक्रोन्यूट्रिएंट्स के उपयोग पर वैज्ञानिकों ने वैकल्पिक सुझाव दिए। इसका पहला प्रयोग बेगूसराय में किया जाएगा।
मंत्री ने कहा कि बेगूसराय में रासायनिक खाद का उपयोग कम करना जरूरी है, ताकि जमीन की उर्वरा शक्ति बनी रहे और किसानों की पैदावार बेहतर हो। ‘द केरल फाइल’ और ‘द कश्मीर फाइल’ फिल्मों के विरोध को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि इनका विरोध वही लोग कर रहे हैं जो देश की सच्चाई को जनता तक पहुंचने से रोकना चाहते हैं।
उन्होंने जोर देकर कहा कि ‘कश्मीर फाइल्स’ 90 के दशक में कश्मीरी हिंदुओं की त्रासदी को दिखाती है और देश के युवाओं को यह इतिहास जानना जरूरी है, ताकि सामाजिक समरसता मजबूत हो सके। मंत्री ने आगे कहा कि ‘द केरल स्टोरी’ लव जिहाद, धर्मांतरण और लैंड जिहाद जैसे विषयों पर आधारित कहानी है। वोटबैंक की राजनीति करने वाले लोगों को ऐसी फिल्में अच्छी नहीं लगतीं, क्योंकि इनसे सच्चाई सामने आती है।
उन्होंने सच दिखाने वाली फिल्मों की आलोचना के बजाय सराहना की बात कही, ताकि समाज जागरूक हो और नई पीढ़ी वास्तविक घटनाओं से परिचित हो। बिहार में शराबबंदी कानून की समीक्षा को लेकर पूछे गए सवाल पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जनहित में जो उचित समझेगी, वही निर्णय लेगी।

