दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला में वैज्ञानिकों ने किसानों को सिखाए आधुनिक खेती के गुर
मोतिहारी/पीपराकोठी। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली द्वारा संचालित महात्मा गांधी समेकित कृषि अनुसंधान संस्थान, पीपराकोठी में 5 एवं 6 फरवरी को दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया।
उद्घाटन सत्र में महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति सहित देश के विभिन्न हिस्सों से आए कृषि वैज्ञानिकों ने हिस्सा लिया और किसानों को तकनीकी सत्रों के माध्यम से आधुनिक कृषि से जुड़ी विस्तृत जानकारी दी।
कार्यशाला के पहले दिन तीन तकनीकी सत्रों का आयोजन किया गया, जबकि दूसरे दिन दो तकनीकी सत्र आयोजित हुए। दूसरे दिन के प्रथम सत्र में किसानों को संग्रामपुर स्थित काश फार्म का भ्रमण कराया गया, जहां मछली पालन की आधुनिक तकनीक और इससे आय बढ़ाने के उपायों की जानकारी दी गई।
द्वितीय सत्र में आए वैज्ञानिकों ने किसानों के साथ संवाद कर उनकी समस्याओं को सुना और वैज्ञानिक तरीके से समाधान बताया। कार्यक्रम के दौरान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. विजय सिंह मीणा ने दो दिवसीय कार्यशाला में हुए विभिन्न सत्रों और गतिविधियों की संक्षिप्त रूपरेखा प्रस्तुत की।
उन्होंने बताया कि किसानों को नई तकनीकों के उपयोग, उत्पादन बढ़ाने तथा कृषि क्षेत्र में विकास के लिए कई महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर मुख्य अतिथि पूर्व निदेशक डॉ. के. मंडल, विशिष्ट अतिथि केंद्रीय लीची अनुसंधान संस्थान मुजफ्फरपुर के निदेशक डॉ. विकास दास उपस्थित रहे।

