रक्सौल को मिला दो रेलवे ओवरब्रिज, केंद्र सरकार ने दी स्वीकृति

रक्सौल को मिला दो  रेलवे ओवरब्रिज, केंद्र सरकार ने दी स्वीकृति
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मोतिहारी/रक्सौल। भारत-नेपाल सीमा पर स्थित रक्सौल शहर को जाम की समस्या से राहत दिलाने की दिशा में ऐतिहासिक पहल हुई है। केंद्र सरकार ने रेलवे फाटक संख्या 33 और 34 पर दो रेल ओवरब्रिज (आरओबी) के निर्माण को मंजूरी दे दी है। खास बात यह है कि इन दोनों आरओबी की पूरी लागत केंद्र सरकार वहन करेगी, जो बिहार में अपनी तरह की पहली परियोजना है। इनकी कुल स्वीकृत राशि ₹156.87 करोड़ है। इसके लिए टेंडर भी जारी कर दिया गया है और जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी।
21 साल बाद पूरा होने जा रहा सपना
गौरतलब है कि इन आरओबी का शिलान्यास वर्ष 2004 में तत्कालीन रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव ने किया था, लेकिन राजनीतिक और प्रशासनिक बाधाओं के चलते निर्माण शुरू नहीं हो सका। दो दशक बाद अब यह सपना साकार होने जा रहा है। यह क्षेत्र लंबे समय से रेलवे फाटकों पर लगने वाले जाम की गंभीर समस्या से जूझ रहा है, जिससे स्कूली बच्चों, स्थानीय नागरिकों, पर्यटकों और सीमावर्ती इलाकों में आवागमन करने वालों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था।
भाजपा सांसद डॉ. संजय जायसवाल ने इस परियोजना को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा कि रक्सौल स्टेशन के दोनों ओर के रेलवे क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज स्वीकृत हो गए हैं और इसका टेंडर भी निकल गया है। उन्होंने इसे रक्सौल की जनता के लिए नवरात्र के पहले दिन एक शुभ उपहार बताया और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार जताया।
सांसद ने यह भी बताया कि पूर्व मध्य रेलवे द्वारा 52 ओवरब्रिज की मांग की गई थी, जिनमें से 5 को मंजूरी मिली है और उनमें रक्सौल के दोनों ओवरब्रिज शामिल हैं। उन्होंने व्यंग्य करते हुए यह भी कहा कि “ईश्वर का शुक्र है कि रक्सौल में मेरे परिवार की कोई जमीन नहीं है, वरना जाने कितनी कहानियां बन चुकी होतीं।
स्थानीय विधायक प्रमोद कुमार सिन्हा ने इसे रक्सौल विधानसभा के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया और कहा कि यह परियोजना ना केवल शहर को जाम से निजात दिलाएगी बल्कि क्षेत्र में विकास के नए रास्ते खोलेगी। उन्होंने सांसद डॉ. संजय जायसवाल के मार्गदर्शन और सहयोग को इसके लिए श्रेय दिया।

उल्लेखनीय है,कि पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक छत्रछाल सिंह और समस्तीपुर मंडल के डीआरएम विनय कुमार श्रीवास्तव ने जून 2025 में रक्सौल दौरे के दौरान इस परियोजना को जल्द स्वीकृति मिलने का संकेत दिया था। विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) दिल्ली भेजी जा चुकी थी, जिसकी स्वीकृति मिलने के बाद निर्माण कार्य को हरी झंडी दी गई है।

स्वीकृति के बाद अब रक्सौल-वीरगंज सड़क पर और रक्सौल सीतामढ़ी रेलखंड के बीच फाटक संख्या 33 और रक्सौल-नरकटियागंज-सुगौली रेलखंड के बीच फाटक संख्या 34 पर दो ओवरब्रिज बनाए जाएंगे। इनका निर्माण कार्य जल्द शुरू होने की उम्मीद है, जिससे न केवल ट्रैफिक व्यवस्था सुधरेगी बल्कि सीमावर्ती क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास को भी गति मिलेगी।
रक्सौल के लिए यह कदम निश्चित ही एक नए युग की शुरुआत मानी जा रही है।

anand prakash

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