बिहार के सभी 534 प्रखंडों में खुलेंगे एससी-एसटी छात्रावास: लखेंद्र कुमार रौशन

बिहार के सभी 534 प्रखंडों में खुलेंगे एससी-एसटी छात्रावास: लखेंद्र कुमार रौशन
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पटना।बिहार के सभी प्रखंडों में अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) समुदाय के छात्रों के लिए छात्रावास खोले जाएंगे। अगले पांच वर्षों के भीतर राज्य के सभी 534 प्रखंडों में इन छात्रावासों का निर्माण किया जाएगा।यह जानकारी शुक्रवार को एससी-एसटी कल्याण विभाग के मंत्री लखेंद्र कुमार रौशन ने पटना स्थित सूचना भवन के संवाद कक्ष में आयोजित एक पत्रकार वार्ता के दौरान दी।

मंत्री लखेंद्र रौशन ने बताया कि वर्तमान में राज्य में 91 आवासीय विद्यालय संचालित हैं, जहां छात्र-छात्राओं को आवासन और पठन-पाठन की उच्च स्तरीय सुविधाएं निशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं। इन आवासीय विद्यालयों के विद्यार्थियों ने नीट, जेईई समेत अन्य प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल कर राज्य का नाम रोशन किया है। उन्होंने बताया कि इन 91 विद्यालयों के अतिरिक्त 28 नए आवासीय विद्यालयों की भी स्वीकृति दी जा चुकी है।

इसके साथ ही मंत्री ने बताया कि राज्य के प्रत्येक जिले में 100 बेड वाला सावित्री बाई फुले छात्रावास खोलने की योजना है। इस योजना के तहत अब तक 18 जिलों में भूमि आवंटित की जा चुकी है और कई स्थानों पर निर्माण कार्य भी प्रारंभ हो गया है।

लखेंद्र रौशन ने कहा कि इन छात्रावासों में रहने वाले प्रत्येक छात्र-छात्रा को 15 किलोग्राम अनाज (9 किलोग्राम चावल और 6 किलोग्राम गेहूं) निःशुल्क दिया जाता है। इसके अलावा मुख्यमंत्री छात्रावास अनुदान योजना के तहत प्रति छात्र एक हजार रुपये प्रतिमाह की राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे खाते में भेजी जाती है। छात्रावासों में शिक्षा की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है और इसके लिए डिजिटल लाइब्रेरी समेत अन्य शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।

मंत्री ने जानकारी दी कि वर्ष 2025-26 में मुख्यमंत्री मेधावृति योजना के तहत 1 लाख 53 हजार 506 छात्र-छात्राओं को लाभ प्रदान किया गया है। वहीं, एससी-एसटी छात्रों के लिए विभाग द्वारा सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना भी संचालित की जा रही है। इसके अलावा, अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत वर्ष 2025-26 में 127.50 करोड़ रुपये की अनुदान राशि दी गई है। इस योजना के अंतर्गत हत्या के मामलों में पीड़ित के आश्रितों को सरकारी नौकरी देने का प्रावधान है, जिसके तहत अब तक 107 मामलों में आश्रितों को नौकरी दी जा चुकी है, जबकि 1477 आश्रितों को नियमित पेंशन का भुगतान किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि बिहार महादलित विकास मिशन इन समुदायों के सामाजिक और आर्थिक उत्थान के लिए विशेष रूप से कार्य कर रहा है। इसके तहत प्रत्येक पंचायत में 9 हजार 718 विकास मित्र तैनात किए गए हैं। एससी-एसटी टोलों में अब तक 4 हजार 808 सामुदायिक भवन-सह-वर्कशेड का निर्माण कराया गया है।

मंत्री ने यह भी बताया कि थरुहट क्षेत्र के विकास के लिए विभाग द्वारा समेकित थरुहट विकास अधिकरण का गठन किया गया है। इसके तहत अब तक 357 योजनाएं ली गई हैं, जिनमें से 279 योजनाएं पूर्ण की जा चुकी हैं, जबकि 78 योजनाओं पर कार्य प्रगति पर है।

शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत कक्षा पहली से दसवीं तक के छात्रों की छात्रवृत्ति दोगुनी कर दी है। वहीं, पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत आईटीआई के लिए 7,500 रुपये, डिप्लोमा/पॉलिटेक्निक एवं अन्य समकक्ष पाठ्यक्रमों के लिए 15,000 रुपये और व्यावसायिक तकनीकी शिक्षा पाठ्यक्रमों के लिए 25,000 रुपये की राशि निर्धारित की गई है।

मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार एससी-एसटी समुदाय के छात्रों और परिवारों के समग्र विकास के लिए शिक्षा, आवासन, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में लगातार ठोस कदम उठा रही है।

anand prakash

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