गोली मारकर हत्या मामले में दो सहोदर भाइयों को आजीवन कारावास
पूर्वी चंपारण। दशम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश बृजेश कुमार ने गोली मारकर हत्या मामले में दोषी पाते हुए नामजद दो सहोदर भाइयों को आजीवन कारावास एवं प्रत्येक को बीस बीस हजार रूपये अर्थ दंड की सजा सुनाए है।
अर्थ दंड वसूल पाए जाने पर मृतक लक्ष्मण प्रसाद के दोनों पत्नियों को आधा आधा राशि देय होगी। वहीं अर्थ दंड नहीं देने पर छह माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। सजा मेहसी थाना के परतापुर निवासी स्व. साधु भगत के पुत्र राजमोहन भगत एवं जगदीश भगत को हुई। मामले में मृतक की पहली पत्नी फूलकुमारी देवी ने चकिया थाना कांड संख्या 23/1998 दर्ज कराई थी। जिसमें कही थी घर के कुछ ही दूरी पर उसका ग्वास है। जहां प्रत्येक दिन की भांति 23 फरवरी 1998 को उसके पति लक्ष्मण प्रसाद अपने ग्वास पर सोने चले गए। बगल के ही ग्वास में उसके देवर वीरालाल प्रसाद भी सोए थे। रात्रि करीब 2.30 बजे घिघियाहट व चिल्लाहट पर उसके देवर एवं सूचिका सहित अन्य लोग दौड़कर गए तो देखे कि नामजद लोग उसके पति लक्ष्मण प्रसाद के माथा में गोली मारकर भाग रहें है।
हल्ला पर अगल बगल के लोग जुटे तथा उसके पति को मेहसी पीएचसी लाए, जहां चिकित्सक ने गंभीर स्थिति को देखते हुए सदर अस्पताल मोतिहारी रेफर कर दिए। जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पीएमसीएच पटना रेफर कर दिए। परंतु रास्ते में ही उसके पति की मौत हो गई।
सत्र वाद संख्या 447/2001 विचारण के दौरान अपर लोक अभियोजक दीपक पटेल व सहायक मो. शहाबुद्दीन ने सात गवाहों को न्यायालय में प्रस्तुत कर अभियोजन पक्ष रखा। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों के दलीलें सुनने के बाद अभियुक्त को धारा 302/34 भादवि में दोषी पाते हुए उक्त सजा सुनाए है। कारागार में बिताए अवधि का समायोजन सजा की अवधि में होगी।

