बिहार में उद्यमियों की समस्या का मौके पर निवारण,मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई उद्योग वार्ता

बिहार में उद्यमियों की समस्या का मौके पर निवारण,मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई उद्योग वार्ता
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पटना। बिहार में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने और उद्यमियों की समस्याओं के त्वरित समाधान के उद्देश्य से शुक्रवार शाम मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में ‘उद्योग वार्ता’ का आयोजन किया गया।इस उच्चस्तरीय बैठक में उद्योग जगत के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े 12 प्रमुख उद्यमियों एवं प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया और राज्य में निवेश के नए प्रस्ताव साझा करने के साथ-साथ अपनी चुनौतियों से मुख्य सचिव को अवगत कराया।

बैठक में लेडीएयरब्यूटीकॉन्सेप्टसप्राइवेटलिमिटेड के संस्थापक सह सीईओ ऋषि रंजन कुमार ने बताया कि 2019 में बिहार से स्टार्ट-अप के रूप में शुरू हुई उनकी कंपनी वर्तमान में कोलकाता से संचालित हो रही है और इसे राष्ट्रीय पुरस्कार भी मिल चुका है। उन्होंने दरभंगा और भागलपुर जैसे जिलों में अपनी सेवाएं विस्तार करने की योजना प्रस्तुत की। उन्होंने प्रस्ताव दिया कि वे जीविका दीदियों को एक महीने का प्रशिक्षण देकर उन्हें कुशल ब्यूटीशियन बनाएंगे और अपनी कंपनी में रोजगार देंगे। इस पर मुख्य सचिव ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में बिहार सरकार महिला सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने सीईओ, जीविका को इस प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार कर कार्ययोजना बनाने का निर्देश दिया।

अल्टीवा लाइफ साइंस प्राइवेट लिमिटेड के जैलेन्द्र कुमार ने कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के सटीक इलाज के लिए ‘मेडिकल साइक्लोट्रॉन और पीईटी रेडियोफार्मास्युटिकल’ सुविधा स्थापित करने का प्रस्ताव रखा। मुख्य सचिव ने इसे जनस्वास्थ्य के लिए क्रांतिकारी बताते हुए स्वास्थ्य विभाग के सचिव को इस नवाचार पर विस्तृत विचार-विमर्श करने का निर्देश दिया। ‘मेडीवर्सल हेल्थकेयर’ के नवनीत रंजन ने विशेष बच्चों के लिए स्कूल और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने की इच्छा जताई। उन्होंने बिहार सरकार से इसके लिए 5 एकड़ भूमि की मांग की ।

‘रुद्रवीर इंडस्ट्रीज’ के आयुष अग्रवाल ने औद्योगिक कचरे को रीसायकल कर नए उत्पाद बनाने की तकनीक के बारे में बताया और हाजीपुर, बेगूसराय, बिहटा एवं औरंगाबाद में 5 एकड़ भूमि की मांग की। उन्होंने बख्तियारपुर फोर-लेन के पास अपनी फैक्ट्री तक सड़क न होने की समस्या उठाई, जिस पर मुख्य सचिव ने तुरंत पथ निर्माण विभाग को सड़क दुरुस्त करने का आदेश दिया।

इसी क्रम में ‘प्रिंस पाइप्स एंड फिटिंग्स’ के विनोद तिवारी ने बेगूसराय स्थित ग्रोथ सेंटर की सड़कों पर अतिक्रमण और जर्जर स्थिति की शिकायत की। मुख्य सचिव ने जिलाधिकारी को स्वयं स्थल निरीक्षण करने और पथ निर्माण विभाग को अविलंब सड़क बनाने का निर्देश दिया। बिजली कटौती की समस्या पर ऊर्जा सचिव ने मौके पर ही समाधान के निर्देश दिए।

मटेरियल रीसाइक्लिंग एसोसिएशन ऑफ इंडिया’ के उपाध्यक्ष संजय मेहता और महासचिव अमर सिंह ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बिहार में ‘सर्कुलर पार्क’ और ‘सस्टेनेबल इंडस्ट्रियल इकोसिस्टम’ स्थापित करने का प्रस्ताव दिया। संस्था के निदेशक बसु सर्राफ और वासुदेव प्रसाद ने बिहार में ‘स्टील स्क्रैपिंग प्लांट’ लगाने की इच्छा जताई।

मुख्य सचिव ने इन प्रस्तावों को बिहार के औद्योगिक भविष्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए जल्द निर्णय लेने का आश्वासन दिया।

‘आरमोन इंटरनेशनल’ के सीईओ अरुण कुमार सिंह ने एग्रीकल्चर, फूड प्रोसेसिंग और बायो-एनर्जी को एक ही प्लेटफॉर्म पर लाने का विचार साझा किया, जिससे किसानों की आय में वृद्धि हो सके। मुख्य सचिव ने संबंधित विभाग को इस योजना की रिपोर्ट तैयार करने को कहा। ‘आर.जी. प्लास्टो-पैक्स’ के राम गोपाल चौधरी ने बिहार में ‘आईटी हब’ और ‘साइबर सिटी’ विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया, जिसे मुख्य सचिव ने विचाराधीन रखने की बात कही।

बैठक में ‘बिडसारिया कुसीन, बिडसारिया फेनस्टर सॉल्यूशंस’, ‘पेपर मिल्स एलएलपी’ और ‘पिपोप्लास्ट प्राइवेट लिमिटेड’ के प्रतिनिधियों ने भी अपनी समस्याएं रखीं, जिनके निवारण हेतु मुख्य सचिव ने संबंधित विभागों को स्पष्ट समय-सीमा के भीतर कार्य पूर्ण करने का निर्देश दिया।

anand prakash

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