पशुपालन पर पांच दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न, प्रतिभागियों को मिले प्रमाण पत्र
-कृषि विज्ञान केन्द्र परसौनी में हुआ प्रशिक्षण
-पशुपालन ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़: डॉ. अभय
पूर्वी चंपारण। जिले के पहाड़पुर के परसौनी स्थित कृषि विज्ञान केंद्र में पशुपालन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित पांच दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हो गया।
इस अवसर पर कार्यक्रम में शामिल पशुपालकों के बीच प्रमाण पत्र वितरित किए गए। उल्लेखनीय है कि प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पशुपालकों को आधुनिक, वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक तरीकों से पशुपालन की जानकारी देकर उनकी आय में वृद्धि करना तथा दुग्ध उत्पादन को बेहतर बनाना था।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को पशुओं के स्वास्थ्य, संतुलित पोषण, प्रजनन प्रबंधन, रोग नियंत्रण, टीकाकरण, स्वच्छ दुग्ध उत्पादन एवं दुग्ध प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत जानकारी दी गई।
विशेषज्ञों ने बताया कि वैज्ञानिक तरीके से पशुपालन अपनाकर कम लागत में अधिक लाभ प्राप्त किया जा सकता है।कृषि विज्ञान केंद्र के हेड डॉक्टर अभय कुमार सिंह ने प्रशिक्षण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज के समय में पशुपालन ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। यदि किसान आधुनिक तकनीकों को अपनाएं तो वे आत्मनिर्भर बन सकते हैं।
इस अवसर पर डॉ. उदय राम गुर्जर, डॉ. आशीष राय, रूपेश कुमार, चुन्नू कुमार एवं संतोष कुमार ने विभिन्न सत्रों में पशुपालकों को व्यावहारिक जानकारी दी। उक्त अवसर पर युवा किसान सह समाजसेवी मनीष राज को प्रमाण पत्र दिया गया।
मौके पर रानी कुमारी, सिकंदर कुमार सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद थे। सभी अतिथियों ने प्रशिक्षण पूर्ण करने वाले प्रतिभागियों को बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।प्रशिक्षण में शामिल किसानों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि इस कार्यक्रम के माध्यम से उन्हें गायों के स्वास्थ्य, पोषण, प्रजनन एवं दूध प्रबंधन से जुड़ी कई नई और उपयोगी जानकारियां प्राप्त हुई हैं।

