शिक्षा जगत के ध्रुव तारा थे डॉ. रामचन्द्र प्रसाद गुप्त
– धूमधाम से मनाई गई पूर्व प्राचार्य की पुण्यतिथि
रक्सौल। राजाराम साह महाविद्यालय के सभागार में राजाराम साह महाविद्यालय के संस्थापक खेमचंद ताराचंद महाविद्यालय के पूर्व प्राचार्य डॉ. रामचन्द्र प्रसाद गुप्त के 13वीं पुण्यतिथि पर धर्मपत्नी श्रीमती शैल देवी, सुपुत्र डॉ. प्रहस्त कुमार के द्वारा श्रद्धासुमन अर्पित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत महाविद्यालय के प्राचार्य नरेन्द्र किशोर की अध्यक्षता की गई। इस अवसर पर गणमान्य एवं शिक्षाविद् लोगों को अंगवस्त्र से सम्मानित किया गया। शिक्षाविद् और गणमान्य व्यक्तियों ने डॉ. रामचन्द्र प्रसाद गुप्त के महान व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शिक्षा जगत में ऐसे शख्शियत का होना बहुत जरूरी होता है। राजाराम साह महाविद्यालय के संस्थापक प्राचार्य सह पूर्व सचिव ओमप्रकाश गुप्ता ने कहा कि डॉ. रामचन्द्र प्रसाद गुप्त के द्वारा शिक्षा क्षेत्र में उनके द्धारा जो लकीर खींची गई, आज भी मिल का पत्थर साबित है। प्रो. संजय कुमार गुप्ता ने कहा कि डॉ. रामचन्द्र प्रसाद गुप्त एक दूरदर्शी सोच वाले महान व्यक्तित्व के व्यक्ति थे, जिनका जीवन शिक्षा क्षेत्र में संघर्ष का रहा। उनके द्वारा स्थापित महाविद्यालय के वटवृक्ष के नीचे लाखो की संख्या में विद्यार्थी अनेकों पदों पर सेवा दे रहें हैं। मंच का संचालन बिहार प्रदेश युवा कांग्रेस के पूर्व महासचिव सह कांग्रेस नेता प्रोफेसर अखिलेश दयाल ने किया।
अन्य वक्ताओ में बिहार विश्वविद्यालय आयोग के सदस्य डॉ. प्रो. अनिल कुमार सिन्हा, संभावना अध्यक्ष भरत प्रसाद गुप्त, खेमचंद ताराचंद महाविद्यालय के पूर्व प्रो. सुरेन्द्र केशरी, प्रो. हजारी प्रसाद गुप्त, समाजसेवी सह प्रो. शंभूस्लभ, भाविप के सदस्य रजनीश प्रियदर्शी, अजीत कुमार सिंह, सुरेश यादव, मृणाल किशोर, आसमन यादव, ठाकुर राम कैंपस के पूर्व प्रो. पंकज कुमार श्रीवास्तव ने प्रकाश डाला।

