पूर्वी चंपारण को मिला जल संरक्षण पुरस्कार
नई दिल्ली। जल शक्ति मंत्रालय, भारत सरकार ने राष्ट्रीय जल मिशन अंतर्गत ‘जल संचयन जन भागीदारी 1.0
कैटेगरी में राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट कार्य प्रदर्शन के लिए पूर्वी चम्पारण जिला को पुरस्कृत करने की घोषणा किया था।मंगलवार को दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में निर्धारित सम्मान समारोह में भारत के राष्ट्रपति एवं मंत्री, जल शक्ति मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा पूर्वी चम्पारण जिला को प्रशस्ति पत्र के साथ 25 लाख रूपये के नगद पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
जिलाधिकारी, पूर्वी चम्पारण सौरभ जोरवील एवं उप विकास आयुक्त डी.मनीष कुमार ने दिल्ली में आयोजित उक्त कार्यक्रम में यह सम्मान ग्रहण किया।
जल संरक्षण एवं जल संचयन के साथ-साथ पर्यावरण अनुकूल कार्यों में बेहतर प्रदर्शन एवं राष्ट्रीय जल मिशन के उद्देश्यों को सफलतापूर्वक प्राप्ति में पूर्वी चम्पारण जिला में जल संरक्षण हेतु कुल-6374 संरचना का निर्माण एवं मरम्मतिकरण कराने के बाद जल शक्ति मंत्रालय को प्रतिवेदित किया गया, जिसमें मनरेगा के द्वारा कुल-6277, लघु जल संसाधन विभाग द्वारा कुल-30 एवं पंचायती राज विभाग द्वारा कुल 67 संरचनाओं का निर्माण एवं मरम्मतिकरण कराया गया। जल संचयन संरचना अंतर्गत विभिन्न संरचनाएँ है (आहर, पईन, सार्वजनिक एवं निजी तालाबों का जीर्णोद्धार, छत वर्षा जल निर्माण, सार्वजनिक एवं निजी चापाकल/कुँओं के किनारे सोख्ता निर्माण/जीर्णोद्धार इत्यादि कराया गया।

इस कार्य को मिशन मोड संचालित कर जिलाधिकारी पूर्वी चंपारण के मार्गदर्शन में उप विकास आयुक्त, पूर्वी चम्पारण के नेतृत्व में जिला ग्रामीण विकास अभिकरण पूर्वी चंपारण मोतिहारी के द्वारा सफल बनाया गया। जिसमे डा. कुन्दन, (निदेशक, एन०ई०पी०, डी०आर०डी०ए०), सुश्री प्रियंका भारती (जिला मिशन प्रबंधक, जल-जीवन-हरियाली मिशन), राजेश कुमार (जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, मनरेगा) की अहम भूमिका रही, जिसे अभियान मोड में आगे बढ़ाते हुए राष्ट्रीय पटल पर सम्मान दिलाने हेतु दृढ़ संकल्प रहे।

सम्मान ग्रहण करने के पश्चात जिलाधिकारी एवं उप विकास आयुक्त के द्वारा ग्रामीण विकास सहित जिला प्रशासन के सभी पदाधिकारी/ कर्मीगण के साथ संपूर्ण जिला वासियों को शुभकामनाएं दी गई है

