पूर्वी चंपारण के सभी 27 प्रखंडों में चला जागरूकता अभियान, जीविका दीदियों ने लिया  गांवों को नशा-मुक्त बनाने का संकल्प

पूर्वी चंपारण के सभी 27 प्रखंडों में चला जागरूकता अभियान, जीविका दीदियों ने लिया  गांवों को नशा-मुक्त बनाने का संकल्प
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संग्रामपुर। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय, न्यू श्रीकृष्ण नगर, सेवा केंद्र मोतिहारी के तत्वावधान में नशामुक्त बिहार अभियान अंतर्गत पूर्वी चंपारण जिले में कई दिनों से चलाए जा रहे हैं  नशा-मुक्त अभियान का समापन संग्रामपुर में हुआ। जिले के सभी 27 प्रखंडों यह कार्यक्रम वरिष्ठ राजयोगिनी  बीके पूनम बहन के नेतृत्व में सफलतापूर्वक चलाया गया।

संग्रामपुर में आयोजित समापन समारोह को संबोधित करते हुए बी. के. पूनम बहन ने कहा की नशा  व्यक्ति के शरीर को केवल बर्बाद ही नही करता, बल्कि उसका प्रभाव  घर परिवार एवं समाज पर पड़ता है। नशा लेने में लगने वाले पैसे को अगर बाल बच्चों की पढ़ाई पर लगाया जाए, उन्हें पौष्टिक भोजन दिया जाए तो घर-घर परिवार का उन्नति होगा तथा बीमारियों से भी बचा जा सकता है। उन्होंने कहा कि,जीविका दीदियों की भूमिका  इस क्षेत्र में बहुत अच्छी हो सकती है, क्योंकि उनका लगाव हर एक घर और परिवार के साथ होता है।  उनकी बातों का भी असर होगा। 

कार्यक्रम का आयोजन नारायणी, मां भवानी एवं राम तीनों सीएलएफ केंद्रों पर किया गया। इस दौरान जीविका दीदियों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करते हुए नशामुक्त बिहार की शपथ  दिलाई गई। बीके पूनम दीदी ने कहा कि नशा-मुक्त समाज के निर्माण के लिए प्रत्येक व्यक्ति की सहभागिता आवश्यक है।

जीविका दीदियां अपने गांवों में जागरूकता फैलाकर इस अभियान को जन-आंदोलन का रूप दे सकती हैं।उन्होंने बच्चों को सूखे नशे से बचाने की अपील की। कार्यक्रम के दौरान बीके लालशा बहन ने बच्चों में बढ़ती सूखे नशे की प्रवृत्ति पर चिंता व्यक्त करते हुए इसके दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। सुलोशन जैसे नशीले पदार्थों का सेवन बच्चों के शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव डालता है।

इससे बच्चों की एकाग्रता, स्मरण शक्ति और भविष्य प्रभावित हो सकता है।  उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों की गतिविधियों पर विशेष ध्यान दें। वहीं, बीके रागिनी बहन ने बच्चों एवं युवाओं में बढ़ती मोबाइल की लत पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मोबाइल का अत्यधिक उपयोग बच्चों की पढ़ाई, मानसिक स्वास्थ्य, नींद और सामाजिक व्यवहार को प्रभावित कर सकता है। उन्होंने कहा कि बच्चों का भविष्य संवारने के लिए अभिभावकों का जागरूक होना अत्यंत आवश्यक है। 

मीडिया प्रभारी बीके श्याम भाई ने बताया कि प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के सदस्यों ने जिले के सभी 27 प्रखंडों में स्थित जीविका के सीएलएफ केंद्रों पर पहुंचकर नशा-मुक्ति का संदेश दिया और जीविका दीदियों को शपथ दिलाई। इस अवसर पर शिवहर जिले से पधारीं बीके मनीषा बहन, रामगढ़वा केंद्र प्रभारी बीके रागिनी बहन, मधुबन केंद्र प्रभारी बीके तृप्ति बहन, बीके मंजू बहन, बीके रंजू बहन, बीके प्रतिमा बहन, बीके शोभा माता तथा मीडिया प्रभारी बीके श्याम भाई सहित अन्य ब्रह्माकुमारी बहनों एवं भाइयों की सहभागिता निभाई।

anand prakash

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