जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव ने केंद्रीय कारा का निरीक्षण किया

जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव ने केंद्रीय कारा का निरीक्षण किया
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-कारा अधीक्षक को दिए कई दिशा निर्देश
मोतिहारी। जिला विधिक सेवा प्राधिकार, मोतिहारी के सचिव नितिन त्रिपाठी ने शुक्रवार को केंद्रीय कारा, मोतिहारी का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कारा अधीक्षक विजय अरोड़ा एवं कारा के पैनल विजिटिंग अधिवक्ता आयुषी अमृत उपस्थित थी। निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य कारा में बंद बंदियों को उपलब्ध कराई जा रही मूलभूत सुविधाओं, भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं तथा निःशुल्क विधिक सहायता की उपलब्धता एवं प्रभावी क्रियान्वयन का जायजा लेना था।

निरीक्षण के क्रम में सचिव द्वारा बंदियों को दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता, पौष्टिकता, स्वच्छता एवं निर्धारित मानकों के अनुरूप भोजन वितरण की व्यवस्था का विशेष रूप से अवलोकन किया गया। उन्होंने निर्देश दिया कि बंदियों को नियमित रूप से गुणवत्तापूर्ण, स्वच्छ एवं पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाए तथा भोजन तैयार करने एवं वितरित करने की प्रक्रिया में निर्धारित स्वच्छता मानकों का पूर्णतः पालन सुनिश्चित किया जाए। निरीक्षण के दौरान कारा परिसर में एक नए एवं सुव्यवस्थित विधिक सहायता क्लिनिक के निर्माण एवं स्थापना के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए गए। सचिव ने कहा कि कारा में स्थापित विधिक सहायता क्लिनिक बंदियों के लिए न्याय तक पहुंच का एक महत्वपूर्ण माध्यम है।

इसके माध्यम से प्रत्येक बंदी को निःशुल्क विधिक सहायता, अपने मुकदमों की स्थिति की जानकारी, जमानत संबंधी कानूनी परामर्श तथा अन्य विधिक अधिकारों के संबंध में आवश्यक मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिया कि विधिक सहायता क्लिनिक में सभी आवश्यक अभिलेखों एवं पंजियों का विधिवत संधारण किया जाए। बंदियों द्वारा विधिक सहायता के लिए किए गए अनुरोध, उन्हें उपलब्ध कराई गई विधिक सहायता, अधिवक्ताओं से संपर्क, लंबित मामलों की स्थिति तथा की गई कार्रवाई का नियमित एवं अद्यतन विवरण दर्ज किया जाए।

क्लिनिक में आने वाले प्रत्येक मामले की उचित रिपोर्टिंग सुनिश्चित हो तथा निर्धारित प्रारूप में नियमित प्रतिवेदन जिला विधिक सेवा प्राधिकार को उपलब्ध कराया जाए।कारा के पैनल विजिटिंग अधिवक्ता को भी निर्देशित किया कि वे नियमित रूप से क्लिनिक का भ्रमण करें तथा बंदियों की विधिक समस्याओं को संवेदनशीलता के साथ सुनकर उनके समाधान हेतु आवश्यक कार्रवाई करें।सचिव ने कारा परिसर, बंदी वार्ड, रसोईघर, शौचालय, स्नानागार तथा अन्य सार्वजनिक स्थानों की साफ-सफाई का निरीक्षण किया।

उन्होंने निर्देश दिया कि कारा परिसर में नियमित सफाई, कचरा प्रबंधन, स्वच्छ पेयजल तथा स्वास्थ्यकर वातावरण बनाए रखा जाए। स्वच्छता व्यवस्था केवल निरीक्षण के समय तक सीमित न रहे, बल्कि इसे दैनिक दिनचर्या का अनिवार्य हिस्सा बनाया जाए। तत्पश्चात कारा अस्पताल एवं स्वास्थ्य केंद्र का भी निरीक्षण किया।

इस दौरान चिकित्सा सुविधाओं, साफ-सफाई, दवाओं की उपलब्धता तथा बंदियों को समय पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने पर विशेष बल दिया। निर्देश दिया कि अस्पताल एवं उसके आसपास नियमित सफाई और रखरखाव सुनिश्चित किया जाए तथा बीमार बंदियों को समय पर उचित चिकित्सकीय परामर्श एवं उपचार उपलब्ध कराया जाए। निरीक्षण के दौरान सचिव श्री त्रिपाठी ने महिला बंदियों एवं विदेशी बंदियों से भी संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं, आवश्यकताओं तथा उन्हें उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी प्राप्त की।

महिला बंदियों के संबंध में उन्होंने निर्देश दिया कि उनकी गरिमा, निजता, सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं अन्य आवश्यकताओं का विशेष ध्यान रखा जाए तथा उन्हें सभी निर्धारित सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। विशेष रूप से महिला बंदियों के साथ रह रहे छह वर्ष से कम आयु के बच्चों की देखभाल, पोषण, स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं समुचित विकास पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया गया।

उन्होंने कहा कि कारा में रहने वाले छोटे बच्चों का बचपन, शिक्षा एवं सर्वांगीण विकास किसी भी परिस्थिति में प्रभावित नहीं होना चाहिए। बच्चों के लिए आयु के अनुरूप शैक्षणिक एवं रचनात्मक गतिविधियों, खेलकूद, पौष्टिक आहार तथा आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। बच्चों के प्रति संवेदनशील एवं बाल हितैषी वातावरण बनाए रखना कारा प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए।

अंत में सचिव श्री त्रिपाठी ने कहा कि कारा व्यवस्था का उद्देश्य केवल सुरक्षा एवं अनुशासन बनाए रखना ही नहीं, बल्कि बंदियों के मानवीय अधिकारों, गरिमा, स्वास्थ्य एवं विधिक अधिकारों का संरक्षण करना भी है।प्रत्येक बंदी को निःशुल्क विधिक सहायता एवं सम्मानजनक जीवन की बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

वहीं कारा अधीक्षक को निरीक्षण के दौरान दिए गए निर्देशों का समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित करने तथा भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता, स्वास्थ्य सुविधाओं, विधिक सहायता क्लिनिक के निर्माण एवं अभिलेखों के उचित संधारण की नियमित निगरानी करने का निर्देश दिया।

जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा यह प्रयास निरंतर किया जा रहा है कि कारा में निरुद्ध प्रत्येक व्यक्ति को उसके विधिक अधिकारों की जानकारी मिले तथा आवश्यकता पड़ने पर उसे प्रभावी एवं निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध हो सके।

anand prakash

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