सरकार की संचालित कृषि यंत्रीकरण  योजनाओं का लाभ  किसानों तक पहुंचाएंः डीएम 

सरकार की संचालित कृषि यंत्रीकरण  योजनाओं का लाभ  किसानों तक पहुंचाएंः डीएम 
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– दो दिवसीय  यांत्रिकरण मेला का सफल समापन, लगभग 70 लाख रुपये के कृषि यंत्रों की हुई बिक्री

मोतिहारी। जिला कृषि अभियंत्रण कार्यालय के द्वारा सदर प्रखंड कृषि कार्यालय छतौनी में आयोजित दो दिवसीय जिला स्तरीय कृषि यांत्रिकरण मेला के अंतिम दिन शुक्रवार को जिलाधिकारी, सौरभ सुमन यादव ने भाग लिया।

उन्होने  मेले में लगाए गए विभिन्न कृषि यंत्रों के स्टॉलों का निरीक्षण किया तथा कृषि यंत्र निर्माताओं एवं विक्रेताओं से यंत्रों की विशेषता एवं उपयोगिता सहित किसानों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी ली।

इस अवसर पर जिलाधिकारी ने उपस्थित किसानों से संवाद किया। बताया गया कि लाॅटरी के माध्यम से चयनित कृषि यंत्रों के क्रय करने के लिए 1775 परमिट वितरित किये गये थे। जबकि इस अवसर पर जिलाधिकारी ने कस्टम हायरिंग सेंटर में प्रदत्त ट्रैक्टर के चाभी देकर किसान समूह को उपलब्ध कराया।

उन्होने  मेले में आए किसान भाइयों को संबोधित करते हुए आधुनिक कृषि यंत्रों को अपनाने के लिए प्रेरित किया। कहा कि कृषि यंत्रीकरण कृषि क्षेत्र के विकास एवं किसानों की आय में वृद्धि का महत्वपूर्ण माध्यम है। आधुनिक कृषि यंत्रों के उपयोग से खेती की लागत एवं श्रम कम करने के साथ-साथ कृषि कार्यों को निर्धारित समय पर पूरा किया जा सकता है।

कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि सरकार द्वारा संचालित कृषि यंत्रीकरण योजनाओं की जानकारी अधिक से अधिक किसानों तक पहुंचाई जाए तथा पात्र किसानों को नियमानुसार अनुदान का लाभ उपलब्ध कराने में आवश्यक सहयोग करें। जिला स्तर पर  कृषि यंत्रों के कुशल कारीगरों को आधुनिक कृषि यंत्रों के मरम्मती के लिए प्रशिक्षण का आयोजन करने के लिए उपनिदेशक, कृषि अभियंत्रण को निर्देश दिया।

मेले में विभिन्न आधुनिक कृषि यंत्रों जैसे सुपर सीडर, जीरो टिलेज मशीन, रोटावेटर, सीड ड्रिल, रीपर, थ्रेसर, पावर टिलर एवं फसल अवशेष प्रबंधन से संबंधित यंत्रों का प्रदर्शन किया गया था।  इस जिला स्तरीय कृषि यांत्रिकरण मेले की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि यह रही कि मेला के दौरान लगभग 70 लाख रुपये मूल्य के कृषि यंत्रों की बिक्री की गई। इससे जिले के किसानों में आधुनिक कृषि यंत्रों के प्रति बढ़ती रुचि एवं कृषि यंत्रीकरण को अपनाने की सकारात्मक प्रवृत्ति परिलक्षित होती है।

अंत में उपनिदेशक, कृषि अभियंत्रण, के द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ मेला का समापन  किया गया। मेला के सफल आयोजन में जिला कृषि पदाधिकारी,अन्य जिला, अनुमंडल , प्रखण्ड स्तरीय पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

anand prakash

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