बच्चों के लिए उनकी सुरक्षा,गरिमा और सम्मान सर्वोपरिः जिला जज
-सुरक्षित बचपन अभियान के तहत जी.डी. गोयनका पब्लिक स्कूल में बच्चों को पॉक्सो अधिनियम के प्रति किया गया जागरूक
मोतिहारी। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा संचालित ‘सुरक्षित बचपन अभियान’ के तहत जिला विधिक सेवा प्राधिकार, पूर्वी चंपारण, मोतिहारी के तत्वावधान में जी.डी. गोयनका पब्लिक स्कूल में बच्चों के लिए एक महत्वपूर्ण विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, पूर्वी चंपारण अभिषेक कुमार दास ने बच्चों को लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (पोक्सो एक्ट) के विभिन्न प्रावधानों की जानकारी दी। जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने बच्चों को सुरक्षित वातावरण में रहने, अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने तथा किसी भी प्रकार के अनुचित व्यवहार, शोषण या उत्पीड़न की स्थिति में चुप न रहने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने बच्चों को समझाया कि उनकी सुरक्षा, गरिमा और सम्मान सर्वोपरि हैं तथा किसी भी अप्रिय घटना की जानकारी माता-पिता, शिक्षकों अथवा किसी विश्वसनीय वयस्क को अवश्य देनी चाहिए। उन्होंने पॉक्सो अधिनियम के अंतर्गत बच्चों को प्राप्त कानूनी संरक्षण, यौन अपराधों की पहचान, ऐसे मामलों में शिकायत करने की प्रक्रिया तथा पीड़ित बच्चों के प्रति संवेदनशील व्यवहार के महत्व पर प्रकाश डाला।
बच्चों की सुरक्षा केवल परिवार या विद्यालय की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज का सामूहिक दायित्व है। कार्यक्रम में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश राघवेन्द्र कुमार सिंह एवं पैरा लीगल वॉलंटियर उज्ज्वल पांडेय भी उपस्थित थे। इसके अतिरिक्त शिक्षा विभाग के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (माध्यमिक शिक्षा) तथा प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
उक्त सत्र अत्यंत ज्ञानवर्धक, संवेदनशील एवं प्रेरणादायक रहा। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बच्चों के अधिकारों की रक्षा, बाल सुरक्षा के प्रति सामाजिक जागरूकता बढ़ाने तथा प्रत्येक बच्चे के लिए सुरक्षित एवं भयमुक्त वातावरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से निरंतर प्रयासरत है। सुरक्षित बचपन अभियान इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य बच्चों को जागरूक बनाकर उनके सुरक्षित भविष्य की नींव मजबूत करना है।

