प्रशासन ने मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के लाभार्थी को सतर्क किया
-मशीन आपूर्ति, फर्जी बिल निर्माण एवं पुनर्भुगतान के नाम पर धोखाधड़ी की मिल रही शिकायतें
मोतिहारी। मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के अंतर्गत मशीन आपूर्तिकर्ताओं के विरुद्ध धोखाधड़ी, गुणवत्ताहीन मशीनों की आपूर्ति, फर्जी बिल तैयार करने तथा अन्य अनियमितताओं से संबंधित कई शिकायतें प्राप्त हुई हैं। यह भी संज्ञान में आया है कि कुछ मशीन आपूर्तिकर्ताओं द्वारा बिल निर्माण में अनियमितता बरतते हुए गलत अथवा वास्तविक आपूर्ति से मेल नहीं खाने वाले बिल तैयार किए जा रहे हैं।
इसके अतिरिक्त, लाभार्थियों को ऋण की किस्तों के पुनर्भुगतान के नाम पर फोन कॉल कर गुमराह करने तथा धोखाधड़ी करने के प्रयासों से संबंधित शिकायतें भी प्राप्त हुई हैं। इस संबंध में जिला उद्योग केंद्र, के महाप्रबंधक ने योजना के सभी लाभार्थियों को सतर्क एवं सावधान रहने की सलाह दी है।
उन्होंने स्पष्ट किया है कि मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के अंतर्गत ऋण की किस्तों का पुनर्भुगतान केवल निर्धारित आधिकारिक ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से ही किया जाता है। नतीजतन लाभार्थी किसी भी व्यक्ति के फोन कॉल या संदेश के आधार पर किसी निजी बैंक खाते, यूपीआईडी अथवा अन्य अनधिकृत माध्यम से भुगतान न करें। पुनर्भुगतान से संबंधित किसी भी संदिग्ध कॉल की स्थिति में आधिकारिक माध्यम से सत्यापन अवश्य करें। महाप्रबंधक ने लाभार्थियों को मशीनों की गुणवत्ता, निर्धारित तकनीकी विनिर्देशों, वास्तविक आपूर्ति, बिल, वारंटी एवं अन्य आवश्यक दस्तावेजों की सावधानीपूर्वक जांच करने की सलाह दी है।
लाभार्थी यह सुनिश्चित करें कि बिल में उल्लिखित मशीन, उसकी मात्रा, विनिर्देश एवं मूल्य वास्तविक रूप से आपूर्ति की गई मशीनों के अनुरूप हों। किसी भी परिस्थिति में गलत अथवा भ्रामक बिल या दस्तावेजों के आधार पर दावा प्रस्तुत न करें। महाप्रबंधक ने कहा कि प्राप्त शिकायतों की नियमानुसार जांच कराई जाएगी। जांच में दोषी पाए जाने वाले मशीन आपूर्तिकर्ताओं के विरुद्ध नियमानुसार उचित कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, नियमानुसार ऐसे आपूर्तिकर्ताओं को मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के अंतर्गत लाभार्थियों को मशीनों की आपूर्ति करने से प्रतिबंधित करने की कार्रवाई भी की जाएगी।
उन्होंने सभी लाभार्थियों से अपील की कि वे किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी, फर्जी बिल निर्माण, गुणवत्ताहीन मशीनों की आपूर्ति अथवा पुनर्भुगतान के नाम पर होने वाले अनुचित प्रयासों के प्रति सतर्क रहें। ऐसी किसी भी अनियमितता की जानकारी संबंधित जिला उद्योग केंद्र को आवश्यक साक्ष्यों सहित उपलब्ध कराएं, ताकि मामले की जांच कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

