बीमारी बांटने वाला आइसक्रीम फैक्ट्री बंद, प्रशासन ने स्टॉक का सेम्पल लेकर लैब टेस्ट में भेजा
-हरसिद्धि के गायघाट में विषाक्त आइसक्रीम खाने से छह बच्चों के बीमार होने पर जागा प्रशासन
-खाध्य सुरक्षा अधिकारी पुलिस के साथ कई आइस्क्रीम फैक्ट्री का जांच किया
कोटवा। विषाक्त आइसक्रीम खाने से हरसिद्धि के गायघाट में बच्चों की तबीयत बिगड़ने की घटना के बाद जगे प्रशासन ने कोटवा थाना क्षेत्र में चल रहे आइसक्रीम की फैक्ट्री को फिलहाल बंद करा दिया है।
आइस्क्रीम खाने से बच्चे और बड़ों के होठ ऐसे चिपके की होठ अलग करने में खून तक निकल गया। मामले में खाद्य सुरक्षा विभाग और स्थानीय प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई में बिना किसी वैध लाइसेंस और पंजीकरण के संचालित आइसक्रीम फैक्ट्री में स्थानीय प्रशासन की निगरानी में रखे गए संपूर्ण स्टॉक को नष्ट कर दिया गया।
हरसिद्धि थाना क्षेत्र के गायघाट उच्च विद्यालय के समीप एक आइसक्रीम विक्रेता ठेले पर आइसक्रीम बेंचने पहुंचा था। वहां आइसक्रीम खाने वाले लगभग छह बच्चों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। बच्चों के होंठ आपस में इस तरह चिपक गए कि उन्हें जबरन छुड़ाने का प्रयास करने पर खून तक निकल आया।परिजनों द्वारा तुरंत बच्चों को नजदीकी अस्पताल में इलाज कराया गया।
इस घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए तत्काल आइसक्रीम विक्रेता को हिरासत में ले लिया और उसके ठेले को जब्त कर लिया। गिरफ्तार की निशानदेही पर उक्त फैक्ट्री को स्थानीय पुलिस ने अपने देखरेख में ले लिया और ताला लगा दिया। हालांकि सूचना मिलते ही उक्त फैक्ट्री को बंद कर संचालक पहले ही फरार हो गया था।
बच्चों के बीमार होने की इस गंभीर घटना के बाद खाद्य सुरक्षा अधिकारी धर्मेंद्र कुमार के नेतृत्व में एक विशेष जांच अभियान चलाया गया। जांच के दौरान कोटवा थाना क्षेत्र के कररिया गांव के वार्ड नंबर 13 में ‘बेस्ट चॉइस’ नामक आइसक्रीम फैक्ट्री का संचालन पकड़ा गया। जांच में यह बात सामने आई कि यह फैक्ट्री बिना किसी वैध पंजीकरण या लाइसेंस के पूरी तरह अवैध रूप से चलाई जा रही थी और बाजार में घटिया व फर्जी लेबल लगाकर आइसक्रीम बेची जा रही थी।
विशेषज्ञों के अनुसार, आइसक्रीम स्टोर करने वाले ठेले पर सामग्री को आवश्यकता से अधिक समय तक अत्यधिक ठंडा करने या ओवर-चार्ज करने के कारण आइसक्रीम में केमिकल रिएक्शन हुआ, जिसके चलते बच्चों के होंठ आपस में चिपकने जैसी खतरनाक स्थिति उत्पन्न हुई।
फैक्ट्री का संचालन माधोपुर मधुमालत गांव निवासी रंजीत प्रसाद गुप्ता के पुत्र मासूम कुमार द्वारा फैक्ट्री का संचालन किया जा रहा था। विभाग द्वारा सैंपल को जांच के लिए पटना स्थित राजकीय प्रयोगशाला में भेज दिया गया है। इस संबंध में प्रशासनिक अधिकारियों और थानाध्यक्ष मुकेश कुमार ने बताया कि जांच रिपोर्ट आने के बाद अग्रेत्तर कार्रवाई की जाएगी।

