बाढ़ पीड़ितों के प्रति सांसद-विधायक की अनदेखी पर सीपीएम का हमला
मोतिहारी। पूर्वी चंपारण में बाढ़ की स्थिति भयावह होती जा रही है। हजारों लोग बाढ़ की मार झेल रहे हैं।आम जनता को भोजन, स्वच्छ पेयजल, आवागमन, पशुओं के चारे एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं के लिए भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे गंभीर समय में क्षेत्र के सांसद एवं विधायकों की उदासीनता बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है। जनता ने जिन प्रतिनिधियों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए चुना, आज संकट की इस घड़ी में उनकी सक्रियता जमीन पर दिखाई नहीं दे रही है। विशेष रूप से सांसद की लगातार उदासीनता के कारण चंपारण की समस्याओं का समुचित समाधान नहीं हो पाया और जनता को हर वर्ष बाढ़ की त्रासदी झेलनी पड़ रही है। नतीजतन भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी जिला कमेटी इस उदासीन रवैये की घोर निंदा करती है।
सीपीएम सरकार एवं जिला प्रशासन से मांग करती है कि बाढ़ प्रभावित सभी क्षेत्रों में युद्धस्तर पर राहत कार्य चलाया जाए। प्रभावित परिवारों को पर्याप्त खाद्यान्न, स्वच्छ पेयजल, दवाइयां एवं अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई जाए। जिन लोगों के घर, फसल एवं अन्य संपत्ति को नुकसान हुआ है, उनका अविलंब सर्वेक्षण कर उचित मुआवजा दिया जाए।
जानकारी जिला सचिव सत्येंद्र मिश्रा में बयान जारी कर दी है।

