नेपाल में बारिश से उफनाई गंडक, चंपारण तटबंध कई जगह क्षतिग्रस्त
बेतिया/बगहा। नेपाल में भारी बारिश के बाद गंडक नदी के जलस्तर में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है। पश्चिम चंपारण के बगहा में नदी का जलस्तर 91.25 मीटर तक पहुंच गया, जो अब तक के उच्चतम स्तर बताया जा रहा है।
पानी के बढते दबाव के कारण चंपारण तटबंध पर कई स्थानों पर सीपेज, पाइपिंग और ओवरटॉपिंग की स्थिति बनी हुई है।28 और 29 सितंबर की मध्यरात्रि पश्चिम चंपारण में गंडक के बाएं तट पर बने चंपारण तटबंध को दो स्थानों पर क्षति पहुंची। इनमें बगहा-1 प्रखंड के खैरटवा और बैरिया प्रखंड के फुलियाखाड़ के पास के इलाके शामिल हैं। उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में भी गंडक के दाहिने तटबंध को एक जगह नुकसान की सूचना है।

जल संसाधन विभाग और पश्चिम चंपारण जिला प्रशासन की टीमें प्रभावित स्थानों पर आवश्यक कार्रवाई में जुटी हैं। विभाग के अनुसार 169 संवेदनशील बिंदुओं पर सीपेज या पाइपिंग की समस्या को तत्काल उपायों से नियंत्रित किया गया है। वरिष्ठ अधिकारी और इंजीनियर लगातार स्थिति की निगरानी कर रहे हैं।
तटबंध क्षतिग्रस्त होने के बाद निचले और आबादी वाले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ा है। प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य चलाए जा रहे हैं। कई स्थानों पर पानी फैलने से ग्रामीण इलाकों में आवागमन और जनजीवन प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने उप मुख्यमंत्री सह जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी के साथ उत्तर बिहार के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया और अधिकारियों से स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने तटबंधों, बैराज से पानी के डिस्चार्ज और संवेदनशील स्थानों पर निगरानी की स्थिति का जायजा लिया।
उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी के अनुसार नेपाल में भारी बारिश से गंडक का जलस्तर अप्रत्याशित रूप से बढ़ा है। उन्होंने कहा कि प्रभावित तटबंधों पर विभागीय सचिव और संबंधित अधिकारी मौजूद हैं तथा स्थिति को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। प्रभावित क्षेत्रों में सरकार की ओर से राहत और बचाव कार्य जारी है।

