प्लास्टिक-मुक्त अभियान के तहत मंगलवारी बाजार में कपड़े के थैलों का वितरण
सांसद राधामोहन सिंह ने दुकानदारों एवं आमजनों से प्लास्टिक का उपयोग छोड़ पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेने का किया आह्वान
मोतिहारी।पिपरा विधानसभा अंतर्गत चकिया प्रखंड के मंगलवारी बाजार में सेवा संकल्प अभियान के तहत प्लास्टिक-मुक्त अभियान चलाया गया। इस अवसर पर पूर्व केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री सह सांसद श्री राधामोहन सिंह ने बाजार में घूमकर दुकानदारों एवं आमजनों से संवाद किया तथा उन्हें प्लास्टिक की जगह पर्यावरण-अनुकूल कपड़े के थैलों का उपयोग करने के लिए प्रेरित करते हुए थैले वितरित किए।
इस अवसर पर सांसद श्री राधामोहन सिंह ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार या किसी संस्था की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का सामूहिक दायित्व है। दैनिक जीवन में सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग को कम कर हम अपने आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखने के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों के लिए भी सुरक्षित और स्वस्थ पर्यावरण सुनिश्चित कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि कपड़े या जूट के थैले का उपयोग हमारी छोटी-सी आदत में बदलाव है, लेकिन इसका प्रभाव व्यापक हो सकता है। बाजार में खरीदारी के लिए अपना थैला साथ ले जाने की आदत को जन-आंदोलन का रूप देने की आवश्यकता है। उन्होंने दुकानदारों एवं आमजनों से अपील की कि वे स्वयं प्लास्टिक का कम से कम उपयोग करें और अपने आसपास के लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करें।
सांसद श्री सिंह ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान का उद्देश्य समाज के विभिन्न वर्गों के बीच सेवा, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और जन-जागरूकता की भावना को मजबूत करना है। ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
इस दौरान सांसद श्री राधामोहन सिंह ने मंगलवारी बाजार में दुकानदारों और आम नागरिकों के बीच स्वयं पहुंचकर कपड़े के थैलों का वितरण किया। बाजार में उपस्थित लोगों ने पर्यावरण संरक्षण के इस प्रयास की सराहना करते हुए प्लास्टिक के उपयोग को कम करने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में स्थानीय विधायक श्यामबाबू प्रसाद यादव, विधानसभा संयोजक रोहित सिंह, कन्हैया सिंह, रमेश भारती सहित बड़ी संख्या में दुकानदार एवं आमजन मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान लोगों में पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता एवं प्लास्टिक के दुष्प्रभावों को लेकर जागरूकता का संदेश दिया गया तथा दैनिक जीवन में पर्यावरण-अनुकूल विकल्पों को अपनाने का आह्वान किया गया।

