ड्राइपोर्ट के लिए अधिग्रहित जमीन का मुआवजा तत्काल देने की सिरिसिया वासियो ने की मांग
रक्सौल/ वीरगंज। महानगरपालिका–25 सिरिसिया के स्थानीय निवासियों ने ड्राइपोर्ट निर्माण के दौरान अधिग्रहित की गई जमीन तथा उस पर बने भौतिक संरचनाओं का बकाया मुआवजा और क्षतिपूर्ति तत्काल उपलब्ध कराने की मांग की है।
लंबे समय से मुआवजा प्रक्रिया पूरी नहीं होने के कारण प्रभावित जमीन मालिक आर्थिक और सामाजिक समस्याओं का सामना कर रहे हैं। स्थानीय निवासियों ने संबंधित निकाय से समस्या का तत्काल समाधान करने का आग्रह किया है। मुआवजा संघर्ष समिति वीरगंज–25 श्रीसिया के अध्यक्ष अशोक कुमार चौधरी के हस्ताक्षर से स्थानीय निवासियों ने वीरगंज भंसार के प्रमुख भंसार प्रशासक कृष्ण मैनाली को ज्ञापन सौंपते हुए वर्षों से लंबित मुआवजा प्रक्रिया को शीघ्र पूरा करने की मांग की।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि करीब दो दशक पहले ड्राइपोर्ट निर्माण के लिए अधिग्रहित की गई जमीन का मुआवजा प्रक्रिया अभी तक पूरी तरह समाप्त नहीं हो सका है। संघर्ष समिति के अनुसार वर्ष 2061 से जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई थी, लेकिन कुछ जमीन मालिकों को अब तक अपनी जमीन का पूरा मुआवजा नहीं मिल पाया है।
स्थानीय निवासियों के अनुसार नापी के दौरान नक्शे और फिल्डबुक में दिखाई देने वाली त्रुटियों के कारण वास्तविक जमीन मालिकों के नाम पर मुआवजा निर्धारण और वितरण में समस्या उत्पन्न हुई है। उन्होंने अभिलेखों में मौजूद त्रुटियों को सुधार कर वास्तविक जमीन मालिकों को बकाया मुआवजा उपलब्ध कराने की मांग की है। लंबे समय तक मुआवजा नहीं मिलने के कारण प्रभावित परिवार अपनी स्वामित्व वाली जमीन का उपयोग नहीं कर पा रहे हैं।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि कुछ परिवारों को घर निर्माण सहित अन्य कार्यों को भी आगे बढ़ाने में कठिनाई हो रही है। मुआवजा प्रक्रिया में हुई देरी के कारण प्रभावित परिवारों पर आर्थिक बोझ बढ़ने के साथ-साथ सामाजिक समस्याएं भी उत्पन्न हुई हैं।
संघर्ष समिति ने बताया कि संबंधित सरकारी निकायों में बार-बार पहल और ध्यानाकर्षण कराने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ है। इसलिए अधिग्रहित जमीन का बकाया मुआवजा निर्धारित कर तत्काल भुगतान करने तथा अधिग्रहित क्षेत्र में मौजूद घर, टहरा सहित अन्य भौतिक संरचनाओं का उचित मूल्यांकन कर क्षतिपूर्ति उपलब्ध कराने की मांग की गई है।
स्थानीय निवासियों ने मुआवजा वितरण से जुड़ी नक्शा, फिल्डबुक और अन्य अभिलेख संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित निकायों के बीच आवश्यक समन्वय की मांग की है। वर्षों से समस्या झेल रहे प्रभावित परिवारों की समस्या के समाधान के लिए राज्य के संबंधित निकायों को गंभीरता से पहल करने की आवश्यकता पर उन्होंने जोर दिया।
संघर्ष समिति ने चेतावनी दी है कि मांगों का शीघ्र समाधान नहीं होने पर आंदोलन के अतिरिक्त कार्यक्रम घोषित किए जाएंगे। लंबे समय से लंबित मुआवजा और क्षतिपूर्ति का मुद्दा तत्काल समाधान नहीं होने पर चरणबद्ध रूप से दबावमूलक कार्यक्रम आगे बढ़ाने की भी समिति ने चेतावनी दी है।
ज्ञापन की प्रतिलिपि प्रधानमंत्री तथा मंत्रिपरिषद कार्यालय, गृह मंत्रालय, अर्थ मंत्रालय, भूमि व्यवस्था, सहकारी तथा गरीबी निवारण मंत्रालय सहित संबंधित सरकारी निकायों को भी भेजी गई है। ज्ञापन सौंपने के दौरान वीरगंज महानगरपालिका–25 के वडाध्यक्ष आशुतोष चतुर्वेदी, नेपाली कांग्रेस के बूथ सभापति भैयाराम पटेल, वडा सदस्य तेतरी देवी, वैजेंतीमाला सहित स्थानीय निवासियों की उपस्थिति थी। स्थानीय जनप्रतिनिधियों तथा प्रभावित जमीन मालिकों ने भी वर्षों से लंबित मुआवजा और क्षतिपूर्ति की समस्या के समाधान के लिए संबंधित निकाय का ध्यान आकर्षित कराया।

