मोतिहारी के आसमान में आज होगा सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम का हवाई प्रदर्शन
-9 विमानों की उड़ाने पायलटों के बीच समन्वय, विश्वास और टीमवर्क की दिखायेगी विहंगम दृश्य
मोतिहारी। भारतीय वायु सेना की सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम 24 सितंबर गुरुवार2026 को मोतिहारी, बिहार में अपने एरोबेटिक प्रदर्शन के माध्यम से दर्शकों को रोमांचक हवाई कौशल, सटीकता और अनुशासन का प्रदर्शन की प्रस्तुती करेगी।
जानकारी रक्षा मंत्रालय की ओर से जारी प्रेस रिलीज के आधार पर दी गई है। 2026 के प्रशिक्षण सत्र के सफल समापन के उपरांत सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम अपनी नवीनतम टीम संरचना के साथ देश के विभिन्न हिस्सों में हवाई प्रदर्शनों की श्रृंखला के अंतर्गत मोतिहारी पहुंचेगी। इस वर्ष टीम में 5 नए सदस्य शामिल हुए हैं, जो अनुभवी टीम के साथ मिलकर सूर्यकिरण की उत्कृष्टता और पेशेवर मानकों की गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं।
सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम भारतीय वायु सेना के 9 लाल और सफेद हॉक एमके 132 विमानों के साथ प्रदर्शन करती है। भारत में हिन्दुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड द्वारा लाइसेंस के तहत निर्मित ये विमान विभिन्न जटिल एरोबेटिक मैन्युवर्स के दौरान असाधारण उड़ान क्षमता का प्रदर्शन करते हैं।
लूप, बैरल रोल, उल्टी उड़ान और प्रतिष्ठित डीएनए मैन्युवर सहित विभिन्न करतबों के दौरान पायलटों के बीच उच्च स्तर की सटीकता, समन्वय और टीमवर्क देखने को मिलेगा। कुछ एरोबेटिक मैन्युवर्स के दौरान विमानों के बीच की दूरी 5 मीटर से भी कम होती है। ऐसी परिस्थितियों में प्रत्येक मैन्युवर पायलटों के उच्च स्तर के प्रशिक्षण, अनुशासन, कौशल और आपसी विश्वास का प्रमाण होता है।
हवाई प्रदर्शन को और अधिक प्रभावशाली बनाने के लिए हॉक एमके 132 विमानों में स्वदेशी रूप से विकसित रंगीन स्मोक पॉड्स लगाए गए हैं। भारतीय वायु सेना के बेस रिपेयर डिपो, नासिक द्वारा विकसित इस प्रणाली के माध्यम से विमान आसमान में केसरिया, सफेद और हरे रंग की धुआं-धाराओं के माध्यम से राष्ट्रीय ध्वज के रंगों को प्रदर्शित करते हैं।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 1996 में स्थापित सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम को एशिया की एकमात्र 9-विमानों वाली एरोबेटिक टीम होने का गौरव प्राप्त है। टीम ने भारत में 800 से अधिक हवाई प्रदर्शन किए हैं तथा चीन, श्रीलंका, म्यांमार, थाईलैंड, सिंगापुर, यूएसए और दुबई सहित विभिन्न देशों में आयोजित अंतरराष्ट्रीय एयर शो में भारतीय वायु सेना का प्रतिनिधित्व किया है।
भारतीय वायु सेना की “एंबेसडर ऑफ़ द इंडियन एयर फोर्स” के रूप में सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम देश और विदेश में भारतीय वायु सेना की व्यावसायिकता, अनुशासन और उत्कृष्टता का प्रतिनिधित्व करती है। अपने प्रदर्शनों के माध्यम से टीम युवाओं को भारतीय सशस्त्र बलों में करियर बनाने के लिए प्रेरित करने तथा उन्हें भारतीय वायु सेना की कार्य संस्कृति और मूल्यों से परिचित कराने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
एसयू-30 एमकेआई पायलट ग्रुप कैप्टन अजय दसरथी के नेतृत्व में टीम सटीकता, अनुशासन और निरंतर उत्कृष्टता की भावना का प्रतीक है। 9 विमानों को एक इकाई के रूप में उड़ाने वाले प्रत्येक मैन्युवर में पायलटों के बीच समन्वय, विश्वास और टीमवर्क की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। जाहिर है मोतिहारी में होने वाला यह प्रदर्शन बिहार के लिए विशेष महत्व रखता है।
सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम के मेडिकल ऑफिसर फ्लाइट लेफ्टिनेंट आदर्श चौधरी बिहार के ही निवासी हैं। यह हवाई प्रदर्शन युवाओं और आम नागरिकों को भारतीय वायु सेना की कार्यप्रणाली, पेशेवर उत्कृष्टता और उच्च प्रशिक्षण मानकों को प्रत्यक्ष रूप से देखने का अवसर प्रदान करेगा।
9 हॉक विमानों को एक साथ सटीक फॉर्मेशन में उड़ते हुए और आसमान में तिरंगे के रंग बिखेरते हुए देखना मोतिहारी के लोगों के लिए एक विशेष अनुभव होगा। यह प्रदर्शन भारतीय वायु सेना की उड़ान क्षमता के साथ-साथ अनुशासन, टीमवर्क और उत्कृष्टता के उन मूल्यों को भी प्रदर्शित करेगा, जो सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम की पहचान हैं।

