भारत-नेपाल जिला स्तरीय सीमा समन्वय समिति की बैठक में सीमा सुरक्षा पर मंथन
– तस्करी, जाली नोट, ड्रग्स, हथियार व क्रॉस बॉर्डर अपराध पर प्रभावी कार्रवाई को लेकर रणनीति तय
रक्सौल। सीमा पार की चुनौतियों से निपटने और भारत-नेपाल के बीच आपसी सहयोग एवं समन्वय को मजबूत करने के उद्देश्य से बुधवार को रक्सौल आईसीपी स्थित हॉल में इंडो-नेपाल बॉर्डर कोऑर्डिनेशन कमेटी की उच्चस्तरीय बैठक आयोजित हुई।
बैठक में नेपाल के सीमावर्ती जिलों के पदाधिकारियों के साथ पूर्वी एवं पश्चिमी चंपारण जिले के वरीय अधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक की संयुक्त अध्यक्षता पूर्वी चंपारण के जिलाधिकारी सौरभ सुमन यादव एवं नेपाल के पर्सा जिले के सीडीओ भोला दहाल ने की।
इस दौरान सीमा सुरक्षा से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। विशेष रूप से जाली नोट, हथियार, ड्रग्स एवं नारकोटिक्स, शराब, तंबाकू तथा अन्य अवैध वस्तुओं की तस्करी पर प्रभावी नियंत्रण, क्रॉस बॉर्डर अपराध पर अंकुश, मोस्ट वांटेड अपराधियों की गिरफ्तारी तथा संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी को लेकर विचार-विमर्श किया गया।

बैठक में विदेशी नागरिकों एवं संदिग्ध लोगों की अवैध आवाजाही पर रोक लगाने, सीमा क्षेत्र में होने वाली अवांछित गतिविधियों की पहचान करने तथा दोनों देशों की सुरक्षा एजेंसियों के बीच सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान पर भी जोर दिया गया। अधिकारियों ने सीमा पार अपराध से जुड़े मामलों में आपसी समन्वय के साथ कार्रवाई करने की आवश्यकता जताई।
बैठक के बाद संयुक्त रूप से जिलाधिकारी सौरभ सुमन यादव एवं पर्सा के सीडीओ भोला दहाल ने बताया कि बैठक सौहार्दपूर्ण एवं सकारात्मक वातावरण में हुई। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के अधिकारियों के बीच नियमित समन्वय और सूचनाओं के आदान-प्रदान से आने वाले समय में क्रॉस बॉर्डर अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने में काफी मदद मिलेगी।
बैठक में पर्सा के एसपी पवन कुमार भट्टराई, बारा सीडीओ खड्गानंद अधिकारी, एसपी नरेंद्र कुंवर सहित नेपाली अधिकारियों का प्रतिनिधिमंडल मौजूद थे। जबकि भारतीय पक्ष के पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात, पश्चिमी चंपारण के जिलाधिकारी तरनजोत सिंह, बगहा के पुलिस अधीक्षक, रक्सौल एसडीओ नागमणि कुमार वर्मा, एसडीपीओ प्रीतिश कुमार, एसएसबी के कमांडेंट सहित अन्य वरीय अधिकारी शामिल हुए।

