शादी का झांसा देकर दुष्कर्म मामले में एक को सात वर्षों का सश्रम कारावास
मोतिहारी। पॉक्सो एक्ट के अनन्य विशेष न्यायाधीश मिथिलेश कुमार ने नामजद अभियुक्त को शादी का झांसा देकर दुष्कर्म मामले में दोषी पाते हुए सात वर्षों का सश्रम कारावास एवं चालीस हजार रुपए अर्थ दंड की सजा सुनाए है। अर्थ दंड नहीं देने पर पंद्रह दिनों की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। दंड की राशि वसूल पाए जाने पर राशि पीड़िता को देय होगी।
सजा पिपराकोठी थाना के मठ गोपाल निवासी इसरायल मियां के पुत्र शमसुद्दीन हवारी को हुई। मामले में पीड़ित युवती ने पिपराकोठी थाना कांड संख्या 132/2024 दर्ज कराते हुए शमसुद्दीन हवारी को नामजद की थी
जिसमें कही थी कि नामजद युवक शादी का झांसा देकर उसके साथ दुष्कर्म करता रहा। जब वह गर्भवती हो गई तो 4 जनवरी 2024 को जबरदस्ती उसे लेकर केरल चला गया। जहां बिना बताए दवा खिलाकर उसके पेट में पल रहे बच्चों को मार दिया। जब वह कहती कि पहले निकाह कर लो तब संबंध बनाना। इस पर उसे बेरहमी से पिटाई करता था।
नामजद अभियुक्त के पत्नी को जब उसके संबंध की जानकारी हुई तो नामजद अभियुक्त पीड़िता को लेकर घर चला आया और निकाह करने से इंकार कर दिया। सत्र वाद संख्या 999/2024 का त्वरित विचारण के दौरान विशेष लोक अभियोजक पुष्पा दुबे ने छह गवाहों को न्यायालय में प्रस्तुत कर गवाही कराई। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों के दलीलें सुनने के बाद धारा 376(1),323,341,493 भादवि में दोषी पाते हुए उक्त सजा सुनाए।

