देवोत्थान (श्रीहरि प्रबोधिनी) एकादशी व्रत शनिवार को : आचार्य

देवोत्थान (श्रीहरि प्रबोधिनी) एकादशी व्रत शनिवार को : आचार्य
Facebook WhatsApp

मोतिहारी।शुक्रवार को नहाय-खाय तथा शनिवार को देवोत्थान (श्रीहरि प्रबोधिनी) एकादशी का पुनीत व्रत किया जाएगा। व्रत का पारण रविवार को प्रातःकाल 06:28 बजे के उपरांत तुलसी-पत्र से किया जाएगा। बता दें कि एकादशी व्रत के विधान में शुक्रवार या शनिवार का कोई शास्त्रीय निषेध नहीं है। अतः श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार के भ्रम में नहीं पड़ना चाहिए। कार्तिक शुक्लपक्ष की एकादशी देव प्रबोधिनी, देवोत्थान या देव उठनी एकादशी के रूप में मनायी जाती है। एकादशी सदा ही पवित्र तिथि है, विशेषतः कार्तिक शुक्लपक्ष की एकादशी परम पुण्यमयी मानी गयी है। इस दिन भगवान विष्णु चारमास शयन के पश्चात् जागते हैं। पौराणिक कथा के अनुसार भगवान विष्णु ने आषाढ़ शुक्लपक्ष एकादशी को शंखासुर नामक राक्षस को परास्त किया। उसकी थकान मिटाने के लिए चार मास तक सोते रहे और कार्तिक शुक्लपक्ष एकादशी को जागे।
यह जानकारी महर्षिनगर स्थित आर्षविद्या शिक्षण प्रशिक्षण सेवा संस्थान-वेद विद्यालय के प्राचार्य सुशील कुमार पाण्डेय ने दी।

उन्होंने बताया कि इस दिन उपवास करने का विशेष महत्व है। रात्रि में भगवान विष्णु की सविधि पूजन करने के पश्चात् घंटा,शंख,नगाड़े आदि की मधुर ध्वनि के साथ नृत्य,गीत एवं कीर्तन करते हुए उत्तिष्ठोत्तिष्ठ गोविन्द उत्तिष्ठ गरुड़ध्वज।उत्तिष्ठ कमलाकान्त त्रैलोक्य मंगलं कुरु। मंत्र का उच्चारण कर प्रभु से जागने की प्रार्थना करें। इसके बाद पुरुषसूक्त,विष्णु सहस्रनाम आदि का पाठ कर भगवान की आरती कर सपरिवार प्रसाद ग्रहण करें।

जो मनुष्य कार्तिक शुक्लपक्ष की परम पुनीत देव प्रबोधिनी एकादशी का व्रत करता है,वह उत्तम सुखों का उपभोग कर अंत में मोक्ष को प्राप्त करता है।
प्राचार्य पाण्डेय ने बताया कि देवोत्थान एकादशी की रात्रि में अथवा पूर्णिमा पर्यन्त तुलसी विवाह का उत्सव भी मनाया जाता है। इस दिन तुलसी जी और शालिग्राम जी का विवाह किया जाता है। तुलसी के वृक्ष को विविध प्रकार से सजाकर सुहागिन की भाँति सिंगार कर शालिग्राम का पूजन किया जाता है तथा शालिग्राम को सिंहासन सहित हाथ में लेकर तुलसी की सात परिक्रमा करवायी जाती है। इस अवसर पर विवाह के मंगल गीत गाने का भी विधान है।

anand prakash

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

चोरी करने से बेहतर है खुद की कंटेंट बनाओ! You cannot copy content of this page