बिहार विधान चुनाव 2025 में बड़े पैमाने पर दागी और करोड़पति आजमा रहे है भाग्य
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में बड़े पैमाने पर दागी और धनकुबेर उम्मीदवार भाग्य आजमा रहे हैं।सबसे अमीर उम्मीदवार की बात करे तो वो कुमार प्रणय है,जो मुंगेर विधानसभा से चुनाव लड़ रहे है।उनकी संपत्ति 170 करोड़ रुपये के करीब है।
चुनाव के पूर्व विभिन्न उम्मीदवारो द्धारा अपनी निजी संपत्ति व अपराधिक मामले के संदर्भ घोषित किये गये विवरण के आधार पर बिहार इलेक्शन वाच-एडीआर ने एक रिपोर्ट जारी किया है,रिपोर्ट के अनुसार पहले चरण में चुनाव मैदान में उतरे 1303 में से 423 (32 फीसदी) उम्मीदवारों पर आपराधिक मामले हैं।जिसमे 1303 में से (27 फीसदी) पर हत्या,लूट व बलात्कार जैसे गंभीर आपराधिक केस दर्ज है। इनमे 33 उम्मीदवारों ने स्वयं हत्या से संबंधित मामले घोषित किए हैं।
बिहार इलेक्शन वॉच/एडीआर की रिपोर्ट ने 121 सीटों पर चुनाव लड़ने वाले 1314 में से 1303 के शपथपत्रों का अध्ययन रिपोर्ट में खुलासा किया है,कि सभी बड़े राजनीतिक दलों ने बड़ी संख्या में करोड़पति उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतारे हैं। बिहार इलेक्शन वॉच/एडीआर ने रिपोर्ट में कहा है कि 1303 में से 519 (40 फीसदी) करोड़पति उम्मीदवार हैं। पहले चरण में चुनाव मैदान में उतरे उम्मीदवारों के पास औसतन 3.26 करोड़ रुपये की संपत्ति है।
मुंगेर चुनाव क्षेत्र से बीजेपी के प्रत्याशी कुमार प्रणय 170 करोड़ की कुल संपत्ति के साथ सबसे अमीर उम्मीदवार हैं।महाराजगंज चुनाव क्षेत्र में स्वतंत्र उम्मीदवार राम प्रकाश गुप्ता 137 करोड़ की कुल संपत्ति के साथ दूसरे सबसे अमीर प्रत्याशी हैं। मोकामा विधानसभा सीट पर जेडीयू प्रत्याशी अनंत कुमार सिंह 100 करोड़ से कुछ ज्यादा की कुल संपत्ति के साथ तीसरे सबसे अमीर उम्मीदवार हैं।
वही दरभंगा सीट पर एसयूसीआई (सी) के उम्मीदवार मोजाहिद आलम सबसे गरीब उम्मीदवार हैं। उन्होंने सिर्फ एक हजार रुपये की संपत्ति घोषित की है। जबकि बाढ़ सीट पर पीपल पार्टी ऑफ़ इंडिया (डेमोक्रेटिक) के उम्मीदवार शत्रुघ्न वर्मा ने भी सिर्फ एक हजार रुपये की संपत्ति जाहिर की है। मुजफ्फरपुर की मीनापुर विधानसभा सीट पर एसयुसीआई (सी) के उम्मीदवार शिव कुमार यादव ने सिर्फ 2 हज़ार रुपये की संपत्ति घोषित की है।
दो चरणों में पहले चरण में 06 नवम्बर को और 11 नवम्बर को दूसरे चरण में होने वाले मतदान में 1,314 उम्मीदवारों में से 27 प्रतिशत गंभीर आपराधिक मामलों में आरोपित हैं – जिनमें हत्या, हत्या के प्रयास, बलात्कार और महिलाओं के खिलाफ अत्याचार के आरोप शामिल हैं।एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) और बिहार इलेक्शन वॉच की रिपोर्ट के मुताबिक 1,303 उम्मीदवारों ने जो अपना चुनावी हलफनामा दायर किया है उस पर आधारित रिपोर्ट में पाया गया कि 423 (32 प्रतिशत) ने आपराधिक मामले घोषित किए हैं, जबकि 354 (27 प्रतिशत) पर गंभीर आपराधिक आरोप हैं। इनमें से 33 उम्मीदवारों पर हत्या के आरोप, 86 पर हत्या के प्रयास और 42 पर महिलाओं के खिलाफ अपराध के आरोप हैं।
जिसमे सीपीएम के उम्मीदवार (100 प्रतिशत) गंभीर आरोपों का सामना कर रहे हैं, उसके बाद सीपीआई (80 प्रतिशत), सीपीआई (एमएल) (64 प्रतिशत), राजद (60 प्रतिशत) और भाजपा (56 प्रतिशत) का स्थान है। कांग्रेस का प्रदर्शन भी खराब है, उसके 52 प्रतिशत उम्मीदवार गंभीर धाराओं में आरोपित हैं।
प्रमुख राजनीतिक दलों के अनुसार विवरण
माकपा: 3 में से 3 (100 प्रतिशत)
भाकपा: 5 में से 4 (80 प्रतिशत)
भाकपा (माले): 14 में से 9 (64 प्रतिशत)
राजद: 70 में से 42 (60 प्रतिशत)
भाजपा: 48 में से 27 (56 प्रतिशत)
कांग्रेस: 23 में से 12 (52 प्रतिशत)
जनसुराज: 114 में से 49 (43 प्रतिशत)
आम आदमी पार्टी: 44 में से 9 (20 प्रतिशत)
लोजपा (आर): 13 में से 5 (38 प्रतिशत)
जदयू: 57 में से 15 (26 प्रतिशत)
बसपा: 89 में से 16 (18 प्रतिशत)
पर गंभीर मामले दर्ज हैं

