आठवें वेतन आयोग का अध्यक्ष बनी न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई

आठवें वेतन आयोग का अध्यक्ष बनी न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई
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नई दिल्ली।मोदी सरकार ने लंबे समय से आठवें वेतन आयोग की बाट जोहते करोड़ों सरकारी कर्मचारियों राहत दी है। दरअसल, केंद्र सरकार ने 8वें वेतन आयोग के गठन का अधिकारिक रूप से ऐलान कर दिया है, जो कर्मचारियो के सैलरी और भत्तों की अहम सिफारिश देगा।कैबिनेट द्वारा गठित 8वें वेतन आयोग का अध्यक्ष न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई को बनाया गया है, जबकि आईआईएम बैंगलोर के प्रोफेसर पुलक घोष और मिनिस्ट्री ऑफ पेट्रोलियम एंड नेचुरल गैस के सचिव पंकज जैन सदस्य के रूप में नियुक्त किये गये है।

कौन है रंजना प्रकाश देसाई ?

आठवें वेतन आयोग की अध्यक्ष रंजना प्रकाश देसाई का जन्म 30 अक्टूबर, 1949 में महाराष्ट्र के मुंबई में हुआ था। गवर्नमेंट लॉ कॉलेज से वे एलएलबी की पढ़ाई की हैं। साल 1996 में देसाई बॉम्बे हाईकोर्ट में जज बन गई थीं। उसके बाद उन्होंने 2011 से लेकर 2014 तक सुप्रीम कोर्ट की जज के रूप में अपनी सेवाएं दे चुकी हैं। रंजना प्रकाश देसाई परिसीमन आयोग का भी नेतृत्व कर चुकी हैं। गुजरात सरकार ने उनकी सेवाएं ली थीं। उन्हें समान नागरकि संहिता लागू करने के लिए सिफारिशें देने वाली समीति का अध्यक्ष बनाया गया था। रंजना अपने पिता एसजी सामंत के साथ भी काम कर चुकी हैं, जो एक मशहूर क्रिमिनल लॉयर थे। 1779 में उन्हें सरकारी वकील नियुक्त किया गया।
रंजना प्रकाश देसाई सेवानिवृति के बाद भी कई बड़े पदों पर रही हैं। 2014 से 2017 तक वो अपीलेट ट्रिब्यूनल फॉर इलेक्ट्रिसिटी की चेयरपर्सन रहीं, जहां बिजली से जुड़े झगड़ों का फैसला करती थीं। फिर 2018-19 में इनकम टैक्स की एडवांस रूलिंग अथॉरिटी की हेड बनीं। 2019 में लोकपाल चुनने वाली सर्च कमिटी की चेयरपर्सन रहीं और चेयरमैन-मेंबर्स के नाम सुझाए।असम के एनआरसी तैयार करने वाली कमेटी में भी सदस्य रहीं। 2022 में प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया की पहली महिला चेयरपर्सन बनीं। उसी साल उत्तराखंड यूसीसी कमेटी की हेड रहीं, जिन्होंने यूनिफॉर्म सिविल कोड का ड्राफ्ट बनाया,जो 2024 में कानून बन गया।

anand prakash

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