छठ महापर्व पर सैंड आर्टिस्ट मधुरेन्द्र की कलाकृति बना आकर्षण का केन्द्र
पूरे बिहार में लोक आस्था का महापर्व उदयमान सूर्य के अर्घ्य के साथ चार दिवसीय छठ मंगलवार को संपन्न हो गया। वहीं राजधानी पटना के कंगन घाट पर देश के चर्चित अंतर्राष्ट्रीय सैंड आर्टिस्ट मधुरेंद्र कुमार की रेत कलाकृति सभी छठव्रतियों को आकर्षित कर रही थी। सैंड आर्टिस्ट मधुरेंद्र ने अपनी दो दिनों के अथक परिश्रम के बाद सोमवार की संध्या पर गंगा के 15 टन रेतीले बालू का उपयोग करते सात घोड़ों पर सवारी करते 10 फिट ऊंचे भगवान भास्कर की अलौकिक शिल्प तैयार की। पटना गंगा घाट पर यह कलाकृति छठव्रतियों के बीच
सबसे बड़ा आकर्षण का केंद्र बना रहा। लोग भी भगवान भास्कर के साथ अपने मोबाइल में सेल्फी लेते नजर आए और अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर खूब साझा किया। जिससे वह तस्वीरें वायरल हो गई। बता दे कि वर्ष 2024 में भी छठ
महापर्व पर के अवसर पर भी इंटरनेशनल सैंड आर्टिस्ट मधुरेंद्र कुमार ने पटना कंगन घाट पर पूरे दुनियां में अपनी सुरीले छठ गानों से छठ पूजा आस्था बढ़ाने वाली बिहार के स्वर कोकिला शारदा सिन्हा जी तस्वीर बनाकर ब्रद्धांजलि दी थी।
मधुरेंद्र की यह कलाकृति ने सभी छठव्रतियों को भावुक कर दिया था। और काफी सुर्खियां बटोरी थी। गौरतलब हो कि सैंड आर्टिस्ट मधुरेंद्र की रेत कलाकृति कलाकृति अब बिहार ही नहीं पूरे देश का पहचान बन चुकी हैं। सैंड आर्टिस्ट मधुरेंद्र आए देश दुनियां में घटित घटनाओं और ज्वलंत मुद्दों पर अपनी रेत कला का उत्कृष्ट प्रदर्शन कर समाज को सकारात्मक संदेश के लिए जाने जाते हैं। मौके पर छठ घाट पर हजारों की संख्या में उपस्थित छठव्रतियों और श्रद्धालुओं ने सैंड आर्टिस्ट मधुरेंद्र द्वारा रचित भगवान सूर्य की कलाकृति की सराहना करते आशीर्वाद भी दी।

