गंडक नदी के जलस्तर में हल्की वृद्धि, ग्रामीणों में बाढ़ की आशंका को लेकर बढ़ी चिंता, विभाग तत्पर
संग्रामपुर। गंडक नदी के जलस्तर में गुरुवार की शाम से हल्की वृद्धि शुरू होने के बाद नदी किनारे बसे ग्रामीणों की चिंता एक बार फिर बढ़ गई है। हालांकि, फिलहाल क्षेत्र में बाढ़ जैसी कोई स्थिति नहीं है।
प्रशासन की ओर से स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। ग्रामीणों के अनुसार दोपहर करीब तीन-चार बजे के बाद नदी के पानी में धीरे-धीरे वृद्धि देखी गई। गण्डक तटवर्ती पुछरिया गांव के ग्रामीण रविरंजन सिंह, राघव सिंह व प्रहलाद यादव समेत अन्य ग्रामीणों ने बताया कि गुरुवार की दोपहर बाद से नदी का पानी बढ़ना शुरू हुआ है। अभी पानी सामान्य स्थिति में है।
किसी तरह की बाढ़ व जलजमाव की स्थिति उत्पन्न नहीं हुई है। लेकिन जलस्तर में लगातार वृद्धि होने की स्थिति में ग्रामीणों में संभावित बाढ़ को लेकर चिंता बनी हुई है। इधर संग्रामपुर अंचलाधिकारी सुमित कुमार राज ने बताया कि प्रशासन बाढ़ की संभावित स्थिति को लेकर पूरी तरह सतर्क है। जरूरत पड़ने पर प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रखने के लिए आश्रय स्थलों का चयन कर लिया गया है। 18 नावों का पंजीकरण भी किया गया है। बांध एवं संवेदनशील स्थानों पर कर्मियों की प्रतिनियुक्ति कर निगरानी कराई जा रही है।
सीओ ने लोगों से अपील की है कि नदी के जलस्तर में वृद्धि को देखते हुए ग्रामीण सतर्क और सुरक्षित रहें तथा किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें। प्रशासन की टीम स्थिति पर लगातार नजर रख रही है और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
जबकि जल संसाधन विभाग, आपदा प्रमंडल मोतिहारी की ओर से भी एहतियाती तैयारी तेज कर दी गई है। विभाग द्वारा बोरियों में बालू भरकर स्टॉक किया जा रहा है, ताकि बांध पर कहीं रिसाव, कटाव अथवा अन्य किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न होने पर तत्काल बालू की बोरियों का उपयोग कर स्थिति को नियंत्रित किया जा सके।
प्रशासन और जल संसाधन विभाग की तैयारियों से साफ है कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन नदी के जलस्तर में होने वाली आगे की वृद्धि पर सभी की नजर बनी हुई है। नदी किनारे बसे ग्रामीणों को भी लगातार सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।

