150 किलो के कांवड़ पर ‘रावण’ को बिठाकर बाबा धाम निकले श्रद्धालु, आस्था देख लोग हैरान

150 किलो के कांवड़ पर ‘रावण’ को बिठाकर बाबा धाम निकले श्रद्धालु, आस्था देख लोग हैरान
Facebook WhatsApp

भागलपुर। सावन के पावन महीने में सुल्तानगंज से देवघर जाने वाले 105 किलोमीटर लंबे कच्चे कांवड़िया पथ पर आस्था के कई अनोखे रंग देखने को मिल रहे हैं। कोई भगवान शिव को कांवड़ में बिठाकर ले जा रहा है, तो कोई खुद बाबा को अपने कंधों पर उठाए बढ़ रहा है।

इसी बीच, पश्चिम बंगाल से आए शिवभक्तों का एक अनोखा जत्था इस समय हर किसी के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।यह जत्था महादेव के सबसे बड़े भक्त, प्रकांड विद्वान और ज्ञानी ‘रावण’ की विशाल प्रतिमा को कांवड़ पर विराजमान कर पैदल यात्रा पर निकला है। इस कांवड़ की सबसे खास बात इसका भारी-भरकम वजन है। रावण की प्रतिमा के साथ इस पूरी कांवड़ का वजन 150 किलोग्राम से भी अधिक है। इतने भारी वजन को उठाकर पथरीले और रेतीले रास्तों पर पैदल चलना बेहद मुश्किल काम है, लेकिन इन श्रद्धालुओं के गजब के उत्साह के आगे यह वजन बौना साबित हो रहा है।

पश्चिम बंगाल से आए इन श्रद्धालुओं का कहना है कि रावण भले ही राक्षस राज था, लेकिन वह महादेव का सबसे अनन्य और परम भक्त था। वे रावण को उसके आराध्य बाबा बैद्यनाथ से मिलाने के लिए अजगैबीनाथ धाम से जल भरकर बाबाधाम लेकर जा रहे हैं।

श्रद्धालुओं ने दृढ़ विश्वास के साथ कहा, कांवड़ का वजन जरूर ज्यादा है, लेकिन जब भोलेनाथ का आशीर्वाद साथ हो तो कोई थकावट या परेशानी महसूस नहीं होती। महादेव की भक्ति में उठाया गया हमारा हर कदम हमें बाबा धाम तक जरूर पहुंचाएगा। भारी वजन के बावजूद ‘बम-बम भोले’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयकारों के साथ यह जत्था लगातार आगे बढ़ रहा है, जिसे देखने के लिए रास्ते में लोगों की भारी भीड़ उमड़ रही है।

anand prakash

Related articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

चोरी करने से बेहतर है खुद की कंटेंट बनाओ! You cannot copy content of this page